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Saturday, April 11, 2026, 11:46 pm

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श्रीकृष्ण की शिक्षा में निहित है तनाव मुक्त और आनंदपूर्ण जीवन के सूत्र : पूर्व जस्टिस बनवारीलाल शर्मा

श्रीकृष्ण योग पीठ के प्रदेशस्तरीय सम्मेलन में पूर्व जस्टिस शर्मा ने कहा कि- हिंदू धर्म का सबसे अच्छा धर्म ग्रंथ गीता है, इसलिए हमें गीता का अध्ययन करना चाहिए तथा उसमें दिए गए हर शब्द को अपने जीवन में उतारना चाहिए।

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com 

आज संपूर्ण विश्व में प्राणिमात्र तनाव ग्रस्त है। ऐसी परिस्थिति में मानव को विश्व वंदे योगेश्वर श्रीकृष्ण की शिक्षाओं से ही तनाव मुक्त जीवन जीने की कला सिखाई जा सकती है। ताकि वह आनंदपूर्वक जीवन जी सकें। यह कहना है राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस बनवारी लाल शर्मा का। वे रविवार को ऐतिहासिक श्रीकृष्ण योग पीठ के प्रदेशस्तरीय सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि हिंदू धर्म का सबसे अच्छा धर्म ग्रंथ गीता है, इसलिए हमें गीता का अध्ययन करना चाहिए तथा उसमें दिए गए हर शब्द को अपने जीवन में उतारना चाहिए। तभी हम समाज में प्रगति कर पाएंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता सुरेश चौधरी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम को संबोधित करते हैं सुरेश चौधरी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में अर्जुन को माध्यम बनाकर हमारे समाज के लिए बहुत ही सुंदर-सुंदर उपदेश दिए थे, जिनको हमें अपने जीवन में धारण करना चाहिए। अगर हम गीता में दिए गए उपदेशों को अपने जीवन में धारण कर लेंगे तो हमें समाज में किसी भी बुराई का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा हमारे बच्चे भी संस्कारवान बनेंगे तथा समाज भी उन्नति की तरफ अग्रसर होगा। इसलिए हमें गीता में बताए हुए हर शब्द पर अमल करना चाहिए।

नवनियुक्त पदाधिकारियों को शपथ दिलाई :

इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी के नव नियुक्त पदाधिकारियों को शपथ दिलवाई गई तथा मुख्य- 2 एजेंडा मदों पर चर्चा की गई और विचार-विमर्श किया गया तथा तहसील/ ब्लॉक स्तर तक संगठन के विस्तार के लिए अगले वर्ष की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। प्रदेश संयोजक डॉ. डीआर यादव ने कहा कि हम जन जन तक श्रीकृष्ण के उपदेश पहुंचाहेंगे। श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है कि हर मनुष्य को बढ़-चढ़कर दान देना चाहिए। दान के महत्व को समझाया है। दान के साथ ही उन्होंने माता-पिता की सेवा करने पर भी जोर दिया है तथा बड़े बुजुर्गों की आज्ञा का पालन करना भी बताया है। श्रीकृष्ण ने गीता में समाज में आने वाले हर पहलू पर विस्तार से जानकारी दी है तथा हम सब का कर्तव्य है कि हम गीता में दिए गए एक-एक शब्द का पालन करें तथा अपने जीवन में उसको ढालें। अगर हम गीता में बताए हुए उपदेशों का पालन करेंगे तो हमारे समाज में किसी प्रकार की कोई भी कमी नहीं रहेगी तथा हमारा समाज प्रगति की तरफ अग्रसर होगा तथा हमारी आने वाली पीढ़ी भी संस्कारवान बनेगी। इसलिए हमें गीता में कही हुई हर बात का अक्षरश: पालन करना चाहिए।

आचार्य एएस विज्ञानाचार्य के सान्निध्य में तनाव मुक्त जीवन की कला सिखा रहे :

उल्लेखनीय है कि श्रीकृष्ण योगपीठ आचार्य एएस विज्ञानाचार्य के सान्निध्य में विगत 25 वर्षों से गोविंद मठ, वृन्दावन से विश्व वंदे योगेश्वर श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जन जन तक पहुंचा तनाव मुक्त जीवन जीने की कला सिखा रहे हैं। गोविंद मठ में ध्यान हवन भी अनवरत हो रहा है। गरीब बच्चों को वैदिक पद्धति से शिक्षा दी जा रही है। अब राजस्थान में भी श्रीकृष्ण योगपीठ ने विश्व वंदे योगेश्वर श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए कमर कसी है। श्रीकृष्ण योग पीठ राजस्थान प्रदेश संयोजक व सेवानिवृत्त आईएएस संबद्ध सेवा के अधिकारी डीआर यादव ने बताया कि कार्यक्रम में बलबीर सिंह राष्ट्रीय कार्यालय संयोजक, पं. सुरेश मिश्रा, डीपी यादव चेयरमैन- लोकपाल अपीलीय अथॉरिटी, पूर्व कुलपति प्रो. जेपी यादव, पूर्व कुलपति डॉ. जीएल खेसवा, डॉ. हनुमान सहाय बराला, रतन यादव एमडी ग्रुप ऑफ होटल्स हाईवे किंग, श्रीकृष्ण निर्देशानन्द महाराज प्रेम आश्रम बरसाना, शंकर यादव प्रधान, राजेंद्र सैन राष्ट्रीय ओबीसी नेता, डॉ. कविता प्रोफेसर एवं राज्य संयोजक महिला विंग, ज्योतिषाचार्य आचार्य अभिमन्यु पाराशर, रामनिवास सेवानिवृत्त तहसीलदार, डॉ. राम चंद्र, पशुपति कुमार शर्मा, वीबी जैन, शशि कुमार, रामानंद शर्मा, मुरारी लाल, डॉ. उमराव सिंह, डॉ. योगेश, पीयूष कुमार, मोहन लाल पूर्व डीईओ, डॉ. ममता वर्मा राजवीर, राजेश डागर, डॉ. श्याम प्रकाश पारीक, डॉ. देवेन्द्र शर्मा, अर्जुन लाल मुंडोतिया, बीएल गुप्ता, केके शर्मा, केसी बुला, मुकेश कुमार शिक्षाविद् आदि के व्याख्यान हुए।

जोधपुर में गीता ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जाएगा : जगदीश यादव

श्रीकृष्ण योग पीठ में जोधपुर से तीन पदाधिकारी को शामिल किया गया है। जिसके तहत तकनीकी शिक्षा निदेशालय के पूर्व निदेशक इंजीनियर दरिया सिंह को प्रदेश सलाहकार, डीआरडीओ के वैज्ञानिक डॉ शैलेश यादव को संभाग संयोजक तथा यादव समाज अध्यक्ष जगदीश यादव को जिला संयोजक की जिम्मेदारी दी गई। इस अवसर पर जिला संयोजक जगदीश यादव ने कहा कि इस संसार में जब-जब अधर्म का बोलबाला बढ़ता है तो श्रीकृष्ण जन्म लेते है। लेकिन श्रीकृष्ण ने अपनी वाणी को भगवत गीता के रूप में इस संसार को ऐसा उपहार दे दिया की जीवन की हर समस्या का समाधान इससे निकल सकता है। जोधपुर में गीता के ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए तथा श्रीकृष्ण योग पीठ से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor