अतिथियों ने आज के दौर में बाजारवाद और साहित्य पर संकट पर चर्चा करते हुए अधिक से अधिक लिखने और अधिक पढ़ने की आवश्यकता जताई। घटते पाठक और छपे हुए शब्दों पर मंडरा रहे खतरे से भी आगाह किया।
राखी पुरोहित. जोधपुर
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अंतर प्रांतीय कुमार साहित्य परिषद की ओर से 10वां डॉ. रामप्रसाद दाधीच “प्रसाद” साहित्य सम्मान 2025 उदयपुर की डॉ. ममता पानेरी को प्रदान किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कहानीकार एवं कवयित्री सुषमा चौहान थीं। अध्यक्षता कथाकार एवं शाइर हबीब कैफी ने की। पत्रवाचन डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने किया। गांधी भवन रेजिडेंसी रोड में आयोजित समारोह में आरंभ में साहित्यकार एवं आकाशवाणी के उद्घोषक कल्याणसिंह विश्नोई ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम के आरंभ में अंतर प्रांतीय कुमार साहित्य परिषद की मंत्री डॉ. पद्मजा शर्मा ने डॉ. रामप्रसाद दाधीच प्रसाद के बारे में जानकारी दी। उन्होंने डॉ. रामप्रसाद दाधीच के साहित्य पर प्रकाश डाला और कहा कि यह दसवां सम्मान है जो उदयपुर की डॉ. ममता पानेरी को दिया जा रहा है। यह सम्मान उनकी कृति “वास्तव” पर दिया गया।
सम्मान स्वरूप राशि, शॉल, सम्मान पत्र और श्रीफल भेंट किया गया। साथ ही माला पहनाकर डॉ. ममता पानेरी का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों ने साहित्य की आज के दौर में जरूरत और शब्दों के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही डॉ. रामप्रसाद दाधीच प्रसाद की साहित्य साधना को रेखांकित करते हुए पुरस्कार से साहित्यकार को मिलने वाले प्रोत्साहन पर बात रखी। वहीं आज के दौर में लिखे जा रहे साहित्य की चर्चा करते हुए अतिथियों ने कहा कि साहित्य आज कम पढ़ा जाता है, यह चिंता का विषय है। कार्यक्रम में हरीदास व्यास, हरिगोपाल राठी, अयोध्याप्रसाद गौड़, अशफाक अहमद फौजदार, राजेंद्रसिंह राठौड़, रविंद माथुर, डॉ. सुरेंद्र पालीवाल सहित अनेक साहित्यकार मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी की उद्घोषक और गीतकार मधुर परिहार ने शानदार अंदाज में किया।









