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Thursday, April 30, 2026, 9:16 pm

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सेहत के लिए गुणकारी है स्नेक प्लांट

लेखक : शिव सिंह
9784092381

स्नेक प्लांट (Snake Plant), जिसे वैज्ञानिक रूप से Sansevieria trifasciata कहा जाता है, भारतीय घरों के लिए सबसे लोकप्रिय और फायदेमंद पौधों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दिखने में जितना सुंदर है, सेहत के लिए उतना ही गुणकारी।

​स्नेक प्लांट के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

​1. रात में ऑक्सीजन छोड़ना (Nighttime Oxygen)
​ज्यादातर पौधे दिन में ऑक्सीजन छोड़ते हैं और रात में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2), लेकिन स्नेक प्लांट उन दुर्लभ पौधों में से है जो रात में भी कार्बन डाइऑक्साइड को ऑक्सीजन में बदलता है। यही कारण है कि इसे बेडरूम के लिए सबसे अच्छा पौधा माना जाता है, क्योंकि यह सोते समय हवा की गुणवत्ता सुधारता है।

​2. जहरीले तत्वों को सोखना (Air Purifier)
​NASA के एक प्रसिद्ध अध्ययन के अनुसार, स्नेक प्लांट हवा से हानिकारक कैंसरकारी तत्वों को हटाने में सक्षम है। यह हवा से इन प्रदूषकों को सोख लेता है:
* ​फॉर्मलाडेहाइड (Formaldehyde): जो पेंट और सफाई के रसायनों में पाया जाता है।

* ​बेंजीन (Benzene): प्लास्टिक और डिटर्जेंट से निकलने वाली गैस।

* ​जाइलिन और टोल्यूनि (Xylene & Toluene): जो पेंट थिनर और नेल पॉलिश में होते हैं।
*
​3. एलर्जी और अस्थमा में राहत
​यह पौधा हवा से धूल, रूसी और अन्य एलर्जी पैदा करने वाले कणों को कम करने में मदद करता है। साथ ही, यह हवा में नमी (Moisture) छोड़ता है, जिससे सूखे गले या नाक की समस्या वाले लोगों को सांस लेने में आसानी होती है।

​4. मानसिक स्वास्थ्य और तनाव में कमी
​घर के अंदर हरियाली देखने से कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर कम होता है। स्नेक प्लांट की मौजूदगी से एकाग्रता बढ़ती है और कमरे का वातावरण शांत महसूस होता है, जिससे मानसिक थकान कम होती है।

​5. रखरखाव में बेहद आसान (Low Maintenance)
​यह पौधा उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो व्यस्त रहते हैं:
* ​यह कम रोशनी में भी जीवित रह सकता है।
* ​इसे बहुत कम पानी की जरूरत होती है (हफ्ते में एक बार या मिट्टी सूखने पर)।
* ​यह खराब से खराब मिट्टी और तापमान में भी आसानी से नहीं मरता।

​जरूरी सावधानी (Caution):
​स्नेक प्लांट इंसानों के लिए तो सुरक्षित है, लेकिन पालतू जानवरों (कुत्तों और बिल्लियों) के लिए हल्का जहरीला हो सकता है। यदि वे इसकी पत्तियां चबा लें, तो उन्हें उल्टी या दस्त की समस्या हो सकती है। इसलिए इसे बच्चों और पेट्स की पहुंच से थोड़ा दूर रखें।

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor