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Sunday, April 19, 2026, 4:39 am

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स्वास्थ्य की अनदेखी: क्या हम वाकई जाग रहे हैं या गहरी नींद में हैं?

लेखक शिव सिंह

9784092381

​आज के दौर में इंसान मंगल ग्रह पर पहुँच गया है, लेकिन अपने शरीर के भीतर क्या चल रहा है, उससे कोसों दूर है। इसे विडंबना ही कहेंगे कि हम अपनी कार की सर्विसिंग समय पर कराते हैं, अपने स्मार्टफोन को हर दूसरे दिन अपडेट करते हैं, लेकिन अपने शरीर (जो कि दुनिया की सबसे जटिल मशीन है) के संकेतों को पहचानना भूल जाते हैं।

​लोग जागरूक क्यों नहीं हैं?

इसके मुख्य कारण:

* ​सुविधा का जाल: तकनीक ने हमारे जीवन को इतना आरामदायक बना दिया है कि शारीरिक मेहनत लगभग शून्य हो गई है। हम सीढ़ियों की जगह लिफ्ट और पैदल चलने की जगह ऐप से कैब बुक करने के आदी हो गए हैं।

* ​’कल’ पर टालने की आदत: जब तक शरीर कोई बड़ा झटका (जैसे हार्ट अटैक या गंभीर बीमारी) नहीं देता, तब तक हम यही सोचते हैं कि “मैं तो ठीक हूँ।” यह ओवर-कॉन्फिडेंस ही सबसे बड़ी नींद है।

* ​दिखावे की दुनिया और मानसिक तनाव: सोशल मीडिया पर ‘परफेक्ट’ दिखने की होड़ में हम मानसिक स्वास्थ्य को भूल चुके हैं। तनाव, अधूरी नींद और जंक फूड हमारी जीवनशैली का हिस्सा बन गए हैं।

* ​सूचनाओं की अधिकता (Information Overload): इंटरनेट पर जानकारी तो बहुत है, लेकिन लोग ‘सही’ और ‘गलत’ के बीच का फर्क नहीं कर पा रहे हैं। कभी-कभी बहुत अधिक जानकारी भी भ्रम पैदा करती है और लोग प्रयास करना ही छोड़ देते हैं।

​सेहत के प्रति ‘जागने’ का मतलब क्या है?

​जागरूक होने का मतलब सिर्फ जिम जाना या डाइट चार्ट फॉलो करना नहीं है। इसका असली मतलब है:

* ​अपने शरीर को सुनना: थकान, सिरदर्द या पाचन की समस्या को इग्नोर न करें।

* ​निवारण (Prevention) पर ध्यान: “इलाज से बेहतर बचाव है।” नियमित चेकअप और संतुलित आहार को बोझ न समझें।

* ​मानसिक शांति: शरीर तभी स्वस्थ रहेगा जब मन शांत होगा। ध्यान (Meditation) और अपनों के साथ समय बिताना भी स्वास्थ्य का हिस्सा है।

​निष्कर्ष:
अच्छी सेहत कोई ‘डेस्टिनेशन’ नहीं है, बल्कि यह एक सफर है। अगर हम आज अपनी नींद से नहीं जागे, तो आने वाला समय हमें बिस्तर पर लेटने के लिए मजबूर कर देगा। याद रखिए, दुनिया की सारी दौलत आपके लिए बेकार है यदि आपके पास उसे भोगने के लिए एक स्वस्थ शरीर नहीं है।

आज ही आप हमारे स्वस्थ भारत आत्मनिर्भर भारत मे शामिल होने के लिए मैसेज करे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor