जोधपुर साहित्य जगत में उदीयमान सितारे की तरह चमकते डॉ. हस्तीमल आर्य हस्ती को बाल साहित्यिक सम्मान 2026 मिलेगा। डॉ. हस्तीमल आर्य के नाम एक और सितारा जोड़ते हुए हनुमानगढ़ रावतसर के साहित्य संगम संस्था के पुरस्कारों में अनुसंशा भाषा विद साहित्यकारों की निर्णायक समिति ने निर्धारित मापदंडों की पालना करते हुए स्मृति साहित्य सृजन सम्मान 2026 के लिए कार्यकारिणी ने चयन बाल साहित्य विधा के लिए “डॉ हस्ती मल आर्य हस्ती” जोधपुर की पुस्तक बाल काव्य संग्रह “देश के परिवेश में” के चयन की घोषणा की गई। डॉ. आर्य को 5100 रुपये नकद, स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र,व शील्ड दिनांक 8-फरवरी 2026 को विशाल साहित्य सम्मेलन में प्रदान किए जायेंगे।
डॉ आर्य के कविता, व हाइकु के बाद अब बाल साहित्य की इस प्रथम पुस्तक के लेखन के लिए तथा इस पुरस्कार के लिए डॉ आर्य काे साहिकार, नाटक रचनाकार व काव्य लेखक तथा पूर्व सचिव संगीत एवं नाट्य अकादमी राजस्थान महेश पंवार ने हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देते हुए अभिनंदन किया।
जोधपुर के बाल साहित्य क्षेत्र में एक नया नाम जुड़ा है। डॉ आर्य को गत दिनों हिंदी साहित्य रत्न मानद उपाधि संस्कृति साहित्य शोध संस्था बालाघाट मध्यप्रदेश प्रदेश से भी घोषित है। इनको पूर्व में मानविकी अनुशासनिक बहु आयामी शिक्षण शोध संस्थान रावतसर हनुमानगढ़ से साहित्य वाचस्पति अलंकरण भी मिल चुका है।
डॉ. आर्य चिकित्सा विभाग में स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा लेप्रोस्कोपिक स्टेरलाइजेशन सर्जन है तथा चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेटेलाइट अस्पताल से प्रमुख चिकित्सा अधिकारी पद से सेवानिवृत है। चिकित्सक होने के साथ साहित्यिक इनकी उपलब्धियां सराहनीय है, इनको मध्यप्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान कई बार पुरस्कार मिल चुके हैं। यह जोधपुर के गौरव में एक और यशोवर्धन है। डॉ आर्य के इस सम्मान मिलने पर सावित्री फुले महिला संघ की अध्यक्ष श्रीमती रमा, सदस्य डॉ भारती, एडवोकेट प्रशांत, डॉ हर्षा, श्वेता जलुथरिया, भंवरलाल बौद्ध, इत्यादि ने माल्यार्पण कर स्वागत व खुशी जाहिर करते हुए बधाइयां दी।









