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Thursday, April 30, 2026, 11:17 pm

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गणतंत्र की सोच गहरी, हम राष्ट्र के प्रहरी : प्रज्ञा निकेतन की पावन भूमि गणतंत्र की गर्वोक्ति में महक उठी

तिरंगा शान हमारा, तिरंगा जान हमारा…धरती सुनहरी, अंबर नीला, हर मौसम रंगीला, ऐसा देश है मेरा…जैसे देशभक्ति गीतों पर झूम उठे लोग, अतिथियों ने झंडा फहराया

राखी पुरोहित. जोधपुर

8302316074 diliprakhai@gmail.com

देशभक्ति की लय में सुरों की शानदार प्रस्तुति। तिरंगा शान हमारा, तिरंगा जान हमारा की गूंजती पंक्तियां…। धरती सुनहरी, अंबर नीला, हर मौसम रंगीला, ऐसा देश है मेरा…के शब्दों पर करतल ध्वनि। ऐ मेरे वतन के लोगों से शहीदों की शहादत का स्मरण। संदेशे आते हैं, हमें तड़पाते हैं, जो चिट्‌ठी आती है तो पूछे जाती है के घर कब आओगे…से जवानों को नमन करते भाव। ये भावपूर्ण नजारा सोमवार को प्रज्ञा निकेतन छात्रावास में गणतंत्र दिवस समारोह पर देखने को मिला।

गणतंत्र की सोच गहरी, हम राष्ट्र के प्रहरी : प्रज्ञा निकेतन की पावन भूमि गणतंत्र की गर्वोक्ति में महक उठी। इस मौके पर विकलांग पुनर्वास एवं प्रशिक्षण संस्थान की अध्यक्ष मीना बरडिया, हॉस्टल की वार्डन अर्पिता कक्कड़, कंचन सर्राफ, साधना मोहनोत, सुरेंद्र माथुर, अमित माथुर, नीतू माथुर, सरोज माथुर, संगीता बागरेचा, श्रीमती कंचन व दिलीप कुमार पुरोहित ने झंडा फहराया। कार्यक्रम के आरंभ में प्रो. डॉ. मीना बरड़िया ने दिलीप कुमार पुरोहित और राखी पुरोहित का अभिनंदन किया। इसके बाद माथुर परिवार का भी आयोजकों ने अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन हुकमाराम ने किया। गौरतलब है कि हुकमाराम का चयन सूचना सहायक के पद पर होने पर साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के अंत में संस्थान की एग्जीक्यूटिव मेंबर निर्मला विश्नोई ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। निर्मला विश्नोई ने अंत में कहा- वन में पंछी अनेक है, पर ठिकाना एक है। दिल में हो गर प्यार, जमाना एक है।

संविधान हमारी लॉ बुक : अर्पिता कक्कड़ 

प्रज्ञा निकेतन हॉस्टल की वार्डन अर्पिता कक्कड़ ने छात्रों को गणतंत्र दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि संविधान हमारी लॉ बुक है। जिसमें हर तरह के नियम है। कैसे देश को चलाया जाए। अगर देश को उन नियमों के अनुसार नहीं चलाया जाए तो हम उसके खिलाफ कोर्ट में संविधान के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं।

पांच बच्चों से शुरुआत, आज दिव्यांग छात्रों के सपनों का संसार : प्रो. मीना बरड़िया

विकलांग पुनर्वास एवं प्रशिक्षण संस्थान की अध्यक्ष प्रो. डॉ. मीना बरडिया ने कहा कि मेरी दीदी प्रो. कुसुमलता भंडारी और मैंने मिलकर इस हॉस्टल की पांच बच्चों से शुरुआत की थी और आज लगभग 100 बच्चे हॉस्टल में शिक्षा और संस्कार ग्रहण कर रहे हैं। ये बच्चे शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी अपना दमखम रखते हैं और पैरा स्वीमिंग में 14 मेडल हासिल कर चुके हैं। कई बच्चे रेलवे, शिक्षक, लेक्चरर और बैंक सेवा में चयनित होकर देश और समाज की सेवा कर रहे हैं। आज मेरी दीदी कहीं देख रही होगी तो उन्हें भी खुशी होगी प्रज्ञा निकेतन की उपलब्धियों को देखकर। प्रज्ञा निकेतन के कण-कण में दीदी कुसुमलता भंडारी की खुशबू फैल रही है।

दिव्यांग छात्रों की अनुशासनप्रियता देख अभिभूत हुआ : सुरेंद्र माथुर

अतिरिक्त प्रशासनिक निदेशक जेडीए सुरेंद्र माथुर ने कहा कि प्रज्ञा निकेतन छात्रावास के छात्रों का अनुशासन देखकर अभिभूत हो गया। यहां डॉ. प्रो. मीना बरड़िया जी और वार्डन अर्पिता कक्कड़ जी ने अच्छा वातावरण उपलब्ध करवाया है, इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। माथुर ने सभी अतिथियों के साथ बच्चों और उपस्थिति लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।

गणतंत्र की एकता और अखंडता हमारी जिम्मेदारी : अमित माथुर

राजस्थान हाईकोर्ट में कार्यरत अमित माथुर ने कहा कि गणतंत्र की एकता और अखंडता हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रज्ञा निकेतन के बच्चों की उपलब्धियों की सराहना की और बधाई दी। कार्यक्रम में विक्रम, विजय, श्रवणदान चारण व साथियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।

 

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor