Explore

Search

Thursday, April 30, 2026, 8:14 pm

Thursday, April 30, 2026, 8:14 pm

LATEST NEWS
Lifestyle

गणतंत्र के सम्मान में राखी पुरोहित की कविता

आज तिरंगे ने फिर आवाज दी…

-राखी पुरोहित. जोधपुर-

आज तिरंगे ने फिर इतिहास को आवाज़ दी है,

हर रंग में बलिदान की एक नई बात कही है।

यह दिन है जब संविधान बना हमारी शान,

जिसने दिए हमें अधिकार, कर्तव्य और सम्मान।

क़लम से लिखी गई थी आज़ादी की लकीर,

न्याय, समता, बंधुत्व—बनी इसकी तासीर।

खेतों से शहरों तक गूँजी एक ही तान,

भारतवासी कहलाने का मिला हमें अभिमान।

सैनिकों की वर्दी में चमकता स्वाभिमान,

सीमा पर खड़ा हर प्रहरी है संविधान।

बच्चों की मुस्कान में भविष्य की रोशनी,

सपनों की उड़ान में है राष्ट्र की प्रगति।

मतभेद भले हों, पर लक्ष्य एक ही है,

लोकतंत्र की राह पर हर कदम सही है।

यह पर्व सिखाता है जिम्मेदारी का मोल,

केवल अधिकार नहीं, कर्तव्य भी हैं अनमोल।

शहीदों के सपनों को आज किया नमन,

उनके बलिदान से ही मिला यह वतन।

चलो संकल्प लें, देश को आगे बढ़ाएँ,

नफरत नहीं, प्रेम की भाषा अपनाएँ।

हर दिल में जले देशभक्ति की लौ,

हर कर्म में दिखे भारत का गौरव हो।

गणतंत्र दिवस है आत्मसम्मान का दिन,

जब हर नागरिक कहलाता है राष्ट्र का चिन्ह।

राखी पुरोहित- एडिटर इन चीफ, राइजिंग भास्कर

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor