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Wednesday, April 29, 2026, 3:22 pm

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बड़ली पशु मेला : पशुपालकों में दिखा जोश

– मारवाड़ी अश्व प्रतियोगिताओं में दिखा पशुपालकों का जोश, हर वर्ग में हुआ कड़ा मुकाबला
– जिला परिषद सीईओ आशीष कुमार मिश्रा ने विजेताओं को किया सम्मानित
– सांस्कृतिक संध्या में कालबेलिया व चेरी डांस की मनमोहक प्रस्तुतियां

शिव वर्मा. जोधपुर 

राज्य स्तरीय बड़ली भैरू पशु मेले में शहरवासियों एवं पशुपालकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मेले के मुख्य आकर्षण के रूप में मारवाड़ी अश्वों की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें पशुपालकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।

मेले में अदंत बछेरी-बछेरियों, दो दांत बछेरा-बछेरियों, प्रजनन योग्य मादा एवं प्रजनन योग्य नर वर्ग की प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। प्रत्येक प्रतियोगिता में 10 से अधिक पंजीकरण हुए, जबकि प्रजनन योग्य अश्व वर्ग में 14 प्रविष्टियां दर्ज की गईं। सभी वर्गों में उत्कृष्ट नस्ल और प्रस्तुति के कारण निर्णायक मंडल को विजेताओं का चयन करने में विशेष परिश्रम करना पड़ा, क्योंकि हर प्रतिभागी एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहा था।

विजेताओं को किया गया सम्मानित

प्रतियोगिताओं में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री आशीष कुमार मिश्रा ने विजयी प्रतिभागियों को बैच पहनाकर ट्रॉफी प्रदान की। इसी क्रम में दो-दांत वर्ग की प्रतियोगिता में मेले का अवलोकन करने पहुंचे पूर्व न्यायाधीश श्री गोपाल कृष्ण व्यास एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती तनुजा व्यास ने भी विजेताओं को बैच एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

अनुभवी विशेषज्ञों ने निभाई निर्णायक भूमिका

इन प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. बी.आर.जे. माथुर, डॉ. रमेश चौधरी, डॉ. नरेंद्र सिंह मेड़तिया, डॉ. गोविंद सिंह चौधरी, श्री बाबूराम चौधरी सहित अन्य सदस्य शामिल रहे, जिन्होंने निष्पक्ष एवं तकनीकी मूल्यांकन कर प्रतियोगिताओं को सफल बनाया।

सांस्कृतिक संध्या में लोक रंगों की छटा

सायं 6:30 बजे मेला मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कालबेलिया नृत्य एवं चेरी डांस की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। दर्शकों ने इन लोकनृत्यों का भरपूर आनंद लिया और कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती मंजूषा सक्सेना ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कलाकारों एवं आयोजकों को बधाई दी। इस अवसर पर डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. बी.आर.जे. माथुर, डॉ. रमेश चौधरी, डॉ. नरेंद्र सिंह मेड़तिया एवं डॉ. गोविंद सिंह चौधरी का भी सम्मान किया गया।

सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त

कार्यक्रम के अंत में मेला प्रभारी अधिकारी डॉ. संजय कृष्ण व्यास ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, पशुपालकों एवं दर्शकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। सांस्कृतिक संध्या का मंच संचालन श्री भरत वैष्णव द्वारा प्रभावी एवं रोचक ढंग से किया गया। बड़ली भैरू पशु मेला न केवल पशुपालन एवं अश्व नस्ल संरक्षण को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम बन रहा है, बल्कि लोकसंस्कृति और ग्रामीण परंपराओं के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor