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Thursday, February 19, 2026, 12:02 pm

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रेल बजट 26-27 : राजस्थान को रिकॉर्ड ₹10,228 करोड़ का आवंटन

संरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टेशन पुनर्विकास एवं यात्री सुविधाओं पर विशेष फोकस

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 फरवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेल बजट 2026-27 पर चर्चा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत 11 वर्षों में भारतीय रेलवे के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में रेलवे में संरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार, आधुनिकीकरण एवं यात्री सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं।

रेल मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2026-27 में भारतीय रेलवे के लिए अब तक का सर्वाधिक ₹2.78 लाख करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही रेलवे के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने हेतु ₹2.93 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय (CAPEX) निर्धारित किया गया है। इस ऐतिहासिक आवंटन के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

राजस्थान के संबंध में जानकारी साझा करते हुए वैष्णव ने बताया कि राज्य को वर्ष 2026-27 में ₹10,228 करोड़ का रिकॉर्ड बजट आवंटन प्राप्त हुआ है, जो वर्ष 2009-14 की तुलना में लगभग 15 गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में 85 रेलवे स्टेशनों को ₹4,500 करोड़ से अधिक की लागत से अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित किया जा रहा है, जिनके कार्य तीव्र गति से प्रगति पर हैं। इनमें से 8 स्टेशनों — गोगामेड़ी, फतेहपुर शेखावाटी, राजगढ़, देशनोक, बूंदी, गोविंदगढ़, मंडावर महुआ रोड एवं मांडलगढ़ — का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा देशनोक से किया गया है।

रेल मंत्री ने बताया कि राजस्थान में वर्तमान में ₹56,000 करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं। राज्य में लगभग 99 प्रतिशत रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है। वर्ष 2014 से अब तक राजस्थान में रेलवे ट्रैक पर 1,514 फ्लाईओवर एवं अंडरपास का निर्माण किया गया है तथा लगभग 3,900 किलोमीटर नए रेल ट्रैक का निर्माण हुआ है, जो डेनमार्क के कुल रेल नेटवर्क से भी अधिक है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के परिणामस्वरूप राजस्थान में नई एवं आधुनिक ट्रेनों का संचालन प्रारंभ किया गया है। बेहतर रेल संपर्क हेतु राज्य में 6 जोड़ी वंदे भारत एवं 1 जोड़ी अमृत भारत ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। जोधपुर एवं बीकानेर से वंदे भारत ट्रेनों तथा जैसलमेर से स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनों का संचालन प्रारंभ किया गया है। इसके अतिरिक्त जोधपुर से पुणे, हैदराबाद एवं चेन्नई के लिए भी नई रेल सेवाएं शुरू की गई हैं।

रेल मंत्री ने राजस्थान में रेल परियोजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य सरकार के सकारात्मक सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य में सभी परियोजनाएं निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप पूर्ण की जाएंगी। इस अवसर पर अनुराग त्रिपाठी, मंडल रेल प्रबंधक, जोधपुर ने मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास हेतु पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए सुनहरा अवसर है, जब अनेक महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं एक साथ प्रगति पर हैं। क्षमता वृद्धि से संबंधित कार्य तीव्र गति से निष्पादित किए जा रहे हैं। नई लाइन, दोहरीकरण एवं गेज परिवर्तन की अधिकांश परियोजनाएं विगत 2-3 वर्षों में स्वीकृत की गई हैं, जिनका कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मंडल रेल प्रबंधक ने जोधपुर मंडल में प्रगति पर चल रही परियोजनाओं की जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विभिन्न स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य जारी है। उन्होंने भगत की कोठी में वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो, मेगा रेल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत जोधपुर-जैसलमेर-पाली मारवाड़ स्टेशनों, नई रेल लाइनों, पिट लाइनों एवं शंटिंग लाइनों से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
संरक्षा के क्षेत्र में कवच प्रणाली के संबंध में बताया गया कि उत्तर पश्चिम रेलवे के संपूर्ण रेल नेटवर्क पर इसका कार्य स्वीकृत किया जा चुका है। 1,586 किलोमीटर रेलमार्ग पर ठेके आवंटित किए जा चुके हैं तथा वर्ष 2026-27 में 250 किलोमीटर रेलमार्ग पर कवच प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि जैसलमेर स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो चुका है एवं शीघ्र ही इसका उद्घाटन किया जाएगा। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत बाड़मेर, नोखा एवं जैसलमेर स्टेशनों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बढ़ती रेल सेवाओं के अनुरक्षण हेतु विभिन्न स्थानों पर कोच मेंटेनेंस डिपो विकसित किए जा रहे हैं। जैसलमेर में पिट निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा बाड़मेर में कार्य स्वीकृत किया गया है। इसके साथ ही भगत की कोठी में वंदे भारत एवं स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के अनुरक्षण हेतु अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor