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Sunday, April 19, 2026, 8:29 pm

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सकीना राही ने रचा सफलता का नया कीर्तिमान, 98% अंकों के साथ RBSE 10वीं में शानदार प्रदर्शन

तीन भाषाओं में उत्कृष्ट अंक, गणित और अंग्रेजी में शत-प्रतिशत हासिल कर प्रशासनिक सेवा का सपना संजोया

राखी पुरोहित. जोधपुर

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 10वीं परीक्षा के परिणामों में प्रतिभा और मेहनत का शानदार उदाहरण पेश करते हुए सकीना राही ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वरिष्ठ साहित्यकार और शाइर डॉ. निसार राही की सबसे छोटी बेटी सकीना ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सकीना Crescent Sec.school.jodhpur की होनहार स्टूडेंट हैं।

सकीना के विषयवार अंक उसकी मेहनत और लगन की स्पष्ट झलक दिखाते हैं। हिंदी में 98 प्रतिशत, अंग्रेजी में 100 प्रतिशत, विज्ञान (साइंस) में 99 प्रतिशत, सामाजिक विज्ञान में 89 प्रतिशत, गणित में 100 प्रतिशत और उर्दू में भी 100 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उसने संतुलित और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खास बात यह है कि उसने तीनों भाषाओं—हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू—में शानदार अंक हासिल कर अपनी भाषाई दक्षता भी सिद्ध की है।

गणित जैसे कठिन माने जाने वाले विषय में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करना उसकी कड़ी मेहनत और विषय पर मजबूत पकड़ को दर्शाता है। सकीना ने यह साबित कर दिया कि यदि सही रणनीति और निरंतर अभ्यास किया जाए, तो कोई भी विषय कठिन नहीं रहता। सकीना का लक्ष्य आगे चलकर प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाना है। वह अभी से अपने इस लक्ष्य को लेकर गंभीर है और योजनाबद्ध तरीके से तैयारी शुरू करना चाहती है। उसका मानना है कि सफलता के लिए नियमितता और स्पष्ट लक्ष्य बेहद जरूरी हैं।

अपनी सफलता का श्रेय सकीना अपने समस्त गुरुजनों, माता-पिता और बहनों को देती है। उसके पिता डॉ. निसार राही, माता फरजाना बानो और उसकी दो बड़ी बहनें, जो वर्तमान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं, सभी ने उसे लगातार प्रेरित और मार्गदर्शन दिया। परिवार का शैक्षणिक माहौल और सहयोग उसकी सफलता में महत्वपूर्ण रहा।

सकीना बताती है कि वह औसतन प्रतिदिन लगभग तीन घंटे पढ़ाई करती थी, लेकिन उसकी पढ़ाई पूरी तरह योजनाबद्ध होती थी। वह समय का सही उपयोग करने और हर विषय पर संतुलित ध्यान देने में विश्वास रखती है। यही उसकी सफलता का मुख्य आधार बना। चार बेटियों के पिता डॉ. निसार राही अपनी बेटियों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहते हैं कि बेटियां भाग्यशाली लोगों को ही मिलती हैं। वे अपनी बेटियों को अपना गौरव मानते हैं और उनकी उपलब्धियों पर नाज करते हैं। वर्तमान में वे एलआईसी में कार्यरत हैं और अपने पारिवारिक मूल्यों तथा शिक्षा के महत्व को सदैव प्राथमिकता देते रहे हैं। सकीना की यह सफलता न केवल अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सही दिशा, अनुशासन और परिवार के सहयोग से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor