राखी पुरोहित. जोधपुर
शहर के भीतरी क्षेत्र स्थित ब्रह्मपुरी देरागा पर 60 घरों का वास महिला मंडल द्वारा पूर्ण विधि विधान से पंथावाड़ी की पूजा की गई।
श्रीमती कुसुम लता दवे ने बताया कि पंथावाड़ी की पूजा करने का विशेष महत्व है। इस पूजन का मूल कारण है कि पंथा माता हम सब की मार्ग में रक्षा करती है।
पंथामाता का नाम ही धरती माता है। उन्होंने बताया कि आज के दिन द्वीप प्रज्ज्वलन के बाद हरे मूंग, पुष्प इत्यादि पंथा माताजी को चढ़ाया जाता है। जिससे माताजी प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती है वहीं पंथा माता मार्ग में आने वाले समस्त संकटों को दूर कर देती है। पांथावाड़ी की पूजा श्रीमती कुसुमलता दवे, श्रीमती सुशीला दवे, श्रीमती सीमा ओझा, श्रीमती सीमा दवे, श्रीमती चंचल कल्ला, श्रीमती कीर्ति बोहरा, श्रीमती प्रेमलता दवे, श्रीमती मीना ओझा, श्रीमती प्रमिला शर्मा, श्रीमती सुनीता दवे, श्रीमती हीना त्रिवेदी, श्रीमती लता बोहरा, श्रीमती बेबी जी, श्रीमती प्रिया शर्मा, श्रीमती नीलू दवे, श्रीमती माया शर्मा, संतोष सोनी, नेहा ओझा के साथ श्रीमाली ब्राह्मण समाज की मातृशक्ति ने पूर्ण विधि विधान से की तत्पश्चात पंथावाड़ी की कहानी सुनाकर, गवर माता के गीतों की सरिता बहाई।








