दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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“हम शोर नहीं करते, सेवा करते हैं” के मूल मंत्र से संचालित सहयोग टाईम बैंक की मासिक बैठक चौपासनी रोड स्थित निर्मल गहलोत चैरिटेबल संस्थान द्वारा संचालित रक्तशाला परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित हुई। बैठक में सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का प्रेरक संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर सहयोग टाईम बैंक के संस्थापक रवि सुराणा ने पिछले एक माह में जुड़े 53 नए सदस्यों का स्वागत करते हुए उन्हें इस अभिनव सेवा प्रकल्प की कार्यप्रणाली एवं उद्देश्यों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने बताया कि गत एक माह के दौरान टाइम बैंक से जुड़े सेवार्थियों ने मानवता की रसोई, जरूरतमंद बुजुर्गों, रोगियों एवं विभिन्न पीड़ित वर्गों की सहायता हेतु कुल 142 घंटे का समय दान कर मानव सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
सहयोग टाइम बैंक के मेंटर पारस गुलेछा ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले माह विभिन्न सेवा प्रकल्पों में सक्रिय योगदान देने वाले सेवार्थियों को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बैठक में रवि सुराणा ने बताया कि सहयोग टाइम बैंक के 187 सदस्यों में से प्रथम चरण के अंतर्गत अब तक 22 सदस्यों ने शास्त्री नगर स्थित केयर गिवर्स आशा सोसायटी के प्रशिक्षण केंद्र में चार घंटे का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर के सान्निध्य में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य बुजुर्गों, रोगियों एवं विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले व्यक्तियों की सेवा को अधिक प्रभावी एवं सुरक्षित बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान केयर गिवर्स आशा सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. अरविंद माथुर, सचिव डॉ. प्रियदर्शी पाटनी, सह-सचिव डॉ. रुचिका अग्रवाल, प्रशिक्षण विशेषज्ञ डॉ. निखिल माथुर, सत्यनारायण शर्मा एवं हरिसिंह ने सेवा कार्यों के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों, रोगी देखभाल की मूलभूत तकनीकों तथा मानवीय संवेदनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
बैठक में समाजसेवी श्रीमती शोभा आंचलिया ने कहा कि सेवा केवल भावनाओं का विषय नहीं है, बल्कि इसके लिए सही जानकारी, उचित प्रशिक्षण और संवेदनशील व्यवहार भी उतना ही आवश्यक है। यदि सेवा सही तरीके से की जाए तो वह पीड़ित व्यक्ति के जीवन में वास्तविक राहत और सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
संस्थापक रवि सुराणा ने बैठक के दौरान सहयोग टाईम बैंक के सदस्यों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के प्रामाणिक एवं संतोषजनक उत्तर दिए। लगभग दो घंटे तक चली इस सार्थक बैठक में सेवा कार्यों के विस्तार, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा आगामी योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
विभिन्न क्षेत्रों में दी जा रही सेवाओं और सदस्यों की बढ़ती सहभागिता के कारण सहयोग टाइम बैंक का यह अभिनव प्रकल्प धीरे-धीरे समाज में विश्वास, संवेदना, परस्पर सहयोग और मानवीय मूल्यों का मजबूत आधार बनता जा रहा है। यह पहल समाज के सक्षम वर्ग को जरूरतमंदों से जोड़ते हुए सेवा की एक नई संस्कृति विकसित कर रही है।
बैठक में कुल 59 सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सेवा कार्यों को और अधिक व्यापक बनाने का संकल्प लिया।
“जब समाज का सक्षम व्यक्ति किसी असहाय का हाथ थाम लेता है, तब सेवा केवल एक कार्य नहीं रहती, बल्कि मानवता का उत्सव बन जाती है। सहयोग टाइम बैंक इसी उत्सव को समाज के प्रत्येक घर तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास कर रहा है।”




