दूसरा ताजमहल पर सार्थक चर्चा
राखी पुरोहित. जोधपुर हमारे जीवन में बाहर जो दिखाई पड़ता, वह अंदर चल रहे ऊहापोह के सामने कुछ भी नहीं होता! बाहर से देखने पर बहुत से लोगों का जीवन संपन्न लगता!लेकिन उनका अकेला पन किस हद तक उनके जीवन को खा रहा हैं इसका बोध हम नहीं लगा पाते. ” दूसरा ताजमहल” कहानी एम्प्टी … Read more