सुनील वर्मा. जोधपुर
चौपासनी विद्यालय भूतपूर्व छात्र स्नेह मिलन कार्यक्रम का रविवार को चौपासनी विद्यालय परिसर में भव्य व गरिमामय आयोजन हुआ । स्नेह मिलन कार्यक्रम में 90 वर्ष तक व वर्तनामान तक के पूर्व छात्रों ने की भागीदारी ।
समारोह के मुख्य अतिथि महाराजा गज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि 1914 में सर प्रताप ने इस विद्यालय की स्थापना की और इसे शिक्षा का उच्च केंद्र बनाने का उनका सपना साकार हो रहा है । उन्होंने कहा कि इस विद्यालय के ओल्ड बॉय विद्यालय की बैक बोन है । उन्होंने कहा कि ऐसे पूर्व छात्र स्नेह मिलन समारोह का आयोजन सार्थक होता है ।ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए ।उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र अपने इस विद्यालय से जुड़े रहे ।चौपासनी विद्यालय की स्थापना के बाद निरंतर यह परिसर शिक्षा के क्षेत्र में नए-नए आयाम स्थापित कर रहा है ।मयूर स्कूल की स्थापना हुई व विकास कार्यों में बढ़ोतरी हुई है,मयूर स्कूल एक अच्छे शिक्षण संस्थान के रूप में उभरा है,महाराजा हनवन्त सैनिक स्कूल की स्थापना हुई है, बी एड कॉलेज खुला है,लगातार नए भवनों का निर्माण हो रहा है,हनवन्त स्कूल का भवन बना, नया स्विमिंग पूल बन रहा है,खेल के अच्छे मैदान तैयार हुए हैं,कॉलेज की बिल्डिंग का शीघ्र उद्घाटन होने जा रहा है,उम्मेद पूर्व प्राथमिक विद्यालय भवन का भी मरम्मत का कार्य चल रहा है,और इसमें यही विद्यालय संचालित होगा ।सर प्रताप और महाराजा हनवन्त सिंह जी का सपना पूरा हो रहा है । यहां की अच्छी बात यह है कि यहां के पूर्व विद्यार्थी आज भी अपने शिक्षकों को याद करते हैं ।उन्होंने कहा कि ओल्ड बॉय जहां भी हो अपने इस विद्यालय के लिए हमेशा अच्छी सोच रखें वह मदद करते रहें ।
समारोह के अध्यक्ष विधायक शेरगढ़बाबू सिंह राठौड़ ने कहा किमहाराजा गज सिंह जी के मुख्य संरक्षण में समाज की सभी संस्थाएं फल फूल रही है,आगे बढ़ रही है । उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र स्नेह सम्मेलन पुरानी यादों को याद करने का एक बेहतरीन अवसर हम सभी को मिला है ।स्वयं भी इस विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं, इसका उन्हें गर्व है।यहां के गुरुजनों के आशीर्वाद से आगे बढ़े,यहां की यादें ,शिक्षा से बेहतर करने का अवसर मिला ।इसी विद्यालय के कारणसक्षम हुए ।उन्होंने कहा कि पूर्व विद्यार्थी जहां भी है जिस रूप में भी है हमेशा में महत्ती भूमिका निभाएं व विद्यालय के विकास में हमेशा अपना योगदान देंते रहे ।उन्होंने संसार पर चौपस्मिक शिक्षा समिति के मुख्य संरक्षक महाराजा गज सिंह जी से अनुरोध किया कि चौपासनी शिक्षा समितिके सदस्यों के कुछ सीट पूर्व छात्रों के लिए सुरक्षित करवाने की मेहरबानी करावे ।मयूर स्कूल में भी ऐसा कुछ आरक्षण करावे ।उन्होंने इस अवसर परचौपासनी शिक्षा समिति कोष में एक लाख रूपए देने की घोषणा की ।उन्होंने मयूर स्कूल में भी कुछ सीट आरक्षण का अनुरोध किया ।उन्होंने राजपूत शिक्षा कोष में भी सभी से । सहयोग करने का आह्वान किया ।
समारोह के अतिथि महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय भरतपुर के कुलगुरु प्रो ( डॉ ) मदन सिंह राठौड़ ने ने कहा कि चौपासनी विद्यालय का एक बहुत बड़ा नाम रहा है ।यहां के विद्यार्थियों ने देश के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा सिद्ध की है ।यहां के शिक्षकों ने दिशा में निषाद भाव से छात्रों को सही मार्ग दिखाने का कार्य किया ।स्कूल में पोषित व संस्कारित किया ।अब समय है कि पूर्व छात्र इस संस्थान का कर्ज समय-समय पर चुकाए ।अपना योगदान दें ।
चौपासनी शिक्षा समिति के अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने चौपासनी शिक्षा समिति के चौपासनी परिसर में संचालित शिक्षण संस्थानों की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा की इस परिसर में पांच शिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं ।संस्थान निरंतर प्रगति कर रहा है ।नए भवनों का निर्माण हो रहा है,अनेक विकास कार्य हो रहे हैं । चौपासनी समिति शिक्षा कोष की भी स्थापना की है जिसमें चौपासनी शिक्षा समिति के सदस्यों द्वारा सहयोग किया जा रहाहै ।
समारोह को करण सिंह उचि यारड़ा ने संबोधित करते हुए कहा की पूर्व छात्र स्नेह मिलन महासंगम है ।उन्होंने कहा कि आज जमाना प्रतियोगिता का है मेहनत करनी होगी ,आर्थिक युग में आगे आए,जहां है मदद करें ।
शिक्षाविद दिलीपसिंह बुड़ीवाडा ने अपने संबोधन में कहा कि यहां के शिक्षकों के संस्कार व गुणो से विद्यार्थी आगे बढ़ पाए ,अनेक शिक्षकों का उन्होंने अवसर पर स्मरण किया ।उन्होंने कहा की चौपासनी संस्थान अग्रणी बना रहे इसके लिए हम सभी का फर्ज बनता है ।अब समय इस संस्थान को कुछ देने का है जिस संस्थान ने हमें बहुत कुछ दिया और आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया ।प्रारंभ मेंचौपासनी स्कूल भूतपूर्व छात्र स मिति के अध्यक्ष महिपाल सिंह चुई स्वागत उद्बोधन दियाऔर कहा कि पूर्व छात्रों के स्नेह मिलन के रूप में एक महाकुंभ का आयोजन हुआ है । यह पुनर्मिलन है ।उन्होंने कहा कि महाराजा साहब के मुख्य संरक्षण में यह आयोजन हुआ ।उनका संरक्षण में आशीर्वाद हमेशा मिलता है । कार्यक्रम को संयोजक डॉ भूपेंद्र सिंह सोढा ने भी संबोधित किया ।मंच पर पूर्व सांसद डॉ नारायण सिंह माणकलाव व पूर्व पार्षद राम सिंह राठौड़ एवं सोमेश्वर गिरी महाराज व रिटायर्ड ब्रिगेडियर मोहनलाल भी थे ।
*समारोह में इनका हुआ सम्मान*
समारोह में महाराजा गज सिंह जी द्वारा कार्यक्रम में आर्थिक सहयोग के लिए भामाशाह करण सिंह ऊंचियारड़ा दिलीप सिंह महेचा बुड़ीवाड़ा,भंवर सिंह मेड़तिया लीलियाँ,लक्ष्मण सिंह आमला,भूर सिंह सांकड़ा ,सुरेंद्र सिंह करडा देवल,किशन सिंह चांदसमा,राजेंद्र सिंह रानीयावास ,आयोजक टीम के लूणेश सिंह खीची , सुमेर सिंह राठौड़ कोसाणा, योगेश्वर सिंह शेखावत, पेप सिंह देवरिया व मदनपाल सिंह सांवराद एवं वरिष्ठ चौपासनियन कान सिंह राठौर, डॉ अमर सिंह सोलंकी विधान सिंह राणावत, शहीद पिता सम्मान जसवंत सिंह देवड़ा शाहिद अनेक लोगों का दुपट्टा ओढा कर व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया ।
*इन्होंने किया अतिथियों का सम्मान*
समारोह में अतिथियों का साफा, माला व बुके से सम्मान महिपाल सिंह चुई , लूणेश सिंह खींची, छतर सिंह गादेरी, संतोष सिंह देवरिया, डॉ भूपेंद्र सिंह सोढ़ा ,आनंद सिंह नारायण सिंह कालवा , सुमेर सिंह कोसाना , कर्नल शंभू सिंह देवड़ा, योगेश सिंह शेखावत, लाखन सिंह करवड़ ,शक्ति सिंह, शंकर सिंह दीपपुरा, लक्ष्मण सिंह सिनली, लक्ष्मण सिंह आमला ,भंवर सिंह करवड़, चुडावत सिंह ऐलाना ,मोहन सिंह खींची, अर्जुन सिंह चाबा, गुमान सिंह ऐलाना,जनक सिंह काष्टी, भगवान सिंह राखी, श्याम सिंह खारिया ,गोवर्धन सिंह नारवा, मनोहर सिंह थोब , नाथू सिंह सोवनिया, हनवन्त सिंह साँवराद , मनोहर सिंह खींची, मंजीत सिंत गुंदोज, हितेंद्र सिंह बुचेटी , मनोहर सिंह सिसोदिया, शैतान सिंह खींची, शक्ति सिंह रावलोत , रघुवीर सिंह पीलवा, मदनपाल सिंह साँवराद , अमर सिंह पाल, भगवान सिंह लोड़ता , जूठ सिंह देवल ,जितेंद्र सिंह भांडू ,गणेश सिंह खंगार पुष्पेंद्र सिंह सिंधी गिरधर सिंह पार्षद , श्रवण सिंह बारू ,जनक सिंह संजय सिंह खानपुर, उम्मेद सिंह जोलियाली ने किया ।
प्रारंभ में मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों ने सर प्रताप की प्रतिमा के समक्ष माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की । कार्यक्रम में चौपासनी शिक्षण संस्थान परिसर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों की प्रगति के संबंध में स्लाइड शो का आयोजन भी किया गया ।आभार वरिष्ठ उपाध्यक्ष छतर सिंह गादेरी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन भौम सिंह पातावत व बिशन सिंह ने किया ।





