पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के करीब ₹4 करोड़ के कार्य के बाद अब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए मिला ₹5.76 करोड़ का काम; 12 ALS एम्बुलेंस होंगी तैनात
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
शहर की स्वास्थ्य एवं आपातकालीन सेवा क्षेत्र की संस्था कृष्णा हेल्थ केयर सर्विसेज को लगातार दूसरा बड़ा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी के अनुसार पिछले महीने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का करीब ₹4 करोड़ का कार्य मिलने के बाद अब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए करीब ₹5.76 करोड़ का कार्य मिला है। कम समय में लगातार दो बड़े प्रोजेक्ट मिलने को कंपनी के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए जारी कार्यादेश के तहत 12 हाई रूफ एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी। एम्बुलेंस आधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों से सुसज्जित होंगी और एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए उपलब्ध रहेंगी।
UPEIDA ने जारी किया कार्यादेश : बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का कार्य उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की ओर से दिया गया है। कंपनी को जारी कार्यादेश में 12 ALS एम्बुलेंस की तैनाती और उनके संचालन से संबंधित शर्तें निर्धारित की गई हैं। इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि एक्सप्रेसवे जैसी हाई-स्पीड सड़क पर दुर्घटना अथवा अन्य मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के जरिए तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था रहेगी।
जोधपुर से निकलकर बड़े प्रोजेक्ट्स तक पहुंची कंपनी : कृष्णा हेल्थ केयर सर्विसेज एम्बुलेंस के साथ हेल्थकेयर और मैनपावर सेवाओं के क्षेत्र में भी काम कर रही है। जोधपुर से संचालित संस्था को लगातार दो बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट मिलना स्थानीय स्तर पर भी उल्लेखनीय उपलब्धि है। कंपनी के निदेशक मनोज कुमार सोनी ने कहा, “हमारे लिए प्रोजेक्ट की राशि से ज्यादा महत्वपूर्ण वह जिम्मेदारी है जो हमें दी गई है। जोधपुर से शुरू हुआ हमारा सफर आज बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स तक पहुंचा है। हमारी कोशिश रहेगी कि बेहतर सेवा के जरिए जोधपुर और राजस्थान की पहचान को और मजबूत करें।”
एक महीने में दूसरी बड़ी उपलब्धि : पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के कार्य के बाद बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का प्रोजेक्ट मिलने से कंपनी के एक्सप्रेसवे हेल्थकेयर सर्विसेज पोर्टफोलियो का विस्तार हुआ है। कंपनी इसे अपनी टीम की मेहनत और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ते अनुभव का परिणाम मान रही है।

