आनंद एम. वासु. जोधपुर
राजस्थान के निजी बस ऑपरेटरों के संयुक्त संगठन ‘प्रांतीय संयुक्त मोर्चा, स्टेज कैरिज, राजस्थान’ ने परिवहन विभाग को एक तीखा 10 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपते हुए प्रदेशभर में बड़े आंदोलन की हुंकार भरी है। यदि समय रहते मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 9 अगस्त 2026 से राजस्थान में पहिए थम जाएंगे।
9 अगस्त 2026 से चक्का जाम: निजी बस ऑपरेटरों की समस्याओं का समाधान न होने पर 9 अगस्त से प्रदेश में संचालित सभी निजी बसें—स्टेज कैरिज, लोक परिवहन सेवा, स्लीपर बस, स्कूल बस, फैक्ट्री बस, रूट बस तथा उपनगरीय एवं ग्रामीण सेवाएं—अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन पर गहरा असंतोष: लंबे समय से प्रशासनिक और नीतिगत समस्याओं का सामना कर रहे ऑपरेटरों का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है, जिससे पूरे प्रदेश में भारी असंतोष व्याप्त है।
प्रमुख 10 सूत्रीय मांगें:
डिपो संचालन: लोक परिवहन सेवा की बसों का संचालन संबंधित डिपो से ही कराया जाए ।
सुनवाई का अधिकार: किसी भी निजी रूट पर राजस्थान रोडवेज (RSRTC) को नया permit अथवा समय-सारणी जारी करने से पूर्व संबंधित निजी बस ऑपरेटरों की सुनवाई अनिवार्य की जाए ।
जुर्माने पर रोक: सुरक्षा के नाम पर की जा रही अनावश्यक चेकिंग एवं बिना वैधानिक आधार के लगाए जा रहे जुर्माने तत्काल बंद किए जाएं ।
परमिट अवधि: लोक परिवहन सेवा के परमिट की अवधि 15 वर्ष की जाए ।
बस रिप्लेसमेंट: बस रिप्लेसमेंट में अधिकतम 5 वर्ष पुरानी बस लगाने तथा सीटिंग क्षमता में 15% तक कमी या वृद्धि की अनुमति दी जाए ।
ओवरलैपिंग सीमा: राष्ट्रीयकृत मार्गों पर ओवरलैप सीमा 25 किलोमीटर से बढ़ाकर 35 किलोमीटर की जाए।
टैक्स में राहत: इमरजेंसी गेट के कारण हटाई गई सीटों के अनुपात में टैक्स कम किया जाए तथा संभागीय परमिट पर टी.पी. टैक्स समाप्त किया जाए ।
मोटर वाहन कर छूट: नई बस खरीदने पर 3 वर्ष तक मोटर वाहन कर में छूट दी जाए तथा चुनाव में अधिग्रहित बसों का टैक्स माफ कर उचित किराया दिया जाए ।
व्यावहारिक किराया: निजी बसों एवं राजस्थान रोडवेज का किराया पड़ोसी राज्यों के समान एवं व्यावहारिक निर्धारित किया जाए ।
अलग टैक्स स्लैब: स्टेज कैरिज (50-400 किमी) एवं लोक परिवहन सेवा (300 किमी तक) के लिए अलग एवं वैज्ञानिक टैक्स स्लैब लागू किया जाए, साथ ही AITP पर अलग टैक्स लागू हो ।
शासन-प्रशासन को सीधी चेतावनी:
प्रांतीय संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण साहू द्वारा जारी इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो बस संचालन ठप होने से होने वाली यात्रियों की असुविधा और उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।


