सुमनेश व्यास. जोधपुर
“घर-घर लहराए तिरंगा हमारा” अभियान के अंतर्गत रविवार, 9 अगस्त 2026 को प्रातः 7:30 बजे भूतनाथ महादेव मंदिर से जबरनाथ गौशाला तक भव्य तिरंगा रैली निकाली जाएगी। राष्ट्रध्वज के सम्मान और राष्ट्रीय एकता को समर्पित इस रैली का नेतृत्व जन्म से दिव्यांग होने के बावजूद अदम्य साहस और अटूट राष्ट्रप्रेम का परिचय देने वाले नवल किशोर जोशी करेंगे। रैली में बुजुर्ग, युवा, महिलाएँ और बच्चे बड़ी संख्या में भाग लेंगे ।
47 वर्षीय नवल किशोर जोशी जन्म से ही दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। जीवन का अधिकांश समय घर और अस्पताल में बीता तथा विद्यालय और महाविद्यालय केवल परीक्षाएँ देने के लिए ही जा सके। उनकी माता, जो स्वयं एक शिक्षिका थीं, ने कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा का दीप बुझने नहीं दिया। उसी संस्कार का परिणाम है कि नवल किशोर जोशी ने पोस्ट ग्रेजुएट की उपाधि प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती ।
वर्ष 2006 में बड़े भाई आनंद जोशी के साथ अमरनाथ यात्रा से लौटते समय अटारी सीमा पर भारतीय तिरंगे के सम्मान का अद्भुत दृश्य देखकर उनके मन में संकल्प जागा कि जोधपुर में भी राष्ट्रध्वज के सम्मान का ऐसा ही वातावरण बनाया जाए। इसी प्रेरणा से वर्ष 2007 में उन्होंने अपने घर की छत पर तिरंगा फहराने की शुरुआत की। घर की छत से शुरू हुआ यह छोटा-सा प्रयास आज जनआंदोलन बन चुका है और जोधपुर की गलियों, मोहल्लों तथा कॉलोनियों तक पहुँचकर हजारों लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत कर रहा है।
इस अभियान से भूतनाथ महादेव मित्र मंडली, मारवाड़ सोशल मीडिया सहयोग संस्थान, जिओ इंटरनेशनल क्लब, परमहंस योग केंद्र सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाएँ जुड़ चुकी हैं। पिछले पखवाड़े से भूतनाथ महादेव मंदिर परिसर को तिरंगे की भव्य सजावट से सजाया जा रहा है। इस सेवा कार्य में लखन, अनिल पुरोहित, ओमजी, रमेश सिसोदिया, कन्हैयालाल पुरोहित, चंचल व्यास, राजकुमार वर्मा, रामजी व्यास, गोविन्द बोहरा, बंशीधर जोशी, सुनील पुरोहित (ढबसा), नरेंद्र सिंह, कानजी, राकेश व्यास, गोपाल रामदेव सहित मित्र मंडली के अनेक सदस्य प्रतिदिन श्रमदान कर रहे हैं।
रैली के पश्चात 15 अगस्त 2026 को गोपीकृष्ण विहार सोसाइटी, गुरों का तालाब, जोधपुर में भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में सोसाइटी के निवासी तथा अनेक सामाजिक कार्यकर्ता देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय उत्सव को यादगार बनाएँगे ।
आयोजकों ने शहरवासियों से परिवार सहित तिरंगा रैली एवं स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रध्वज नहीं, बल्कि भारत की आन, बान, शान और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का प्रतीक है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रध्वज के सम्मान और राष्ट्रीय एकता के इस अभियान का सहभागी बने।
“दिव्यांगता शरीर की हो सकती है, लेकिन राष्ट्रप्रेम के हौसलों की नहीं।”





