*डॉ. नारायणसिंह भाटी इतिहास और साहित्य के महान् साधक: पीथळ*
सुनील वर्मा, जोधपुट
महरानगढ़ म्यूज़ियम ट्रस्ट एवं चौपासनी शिक्षा समिति, जोधपुर द्वारा संचालित राजस्थानी शोध संस्थान, चौपासनी, जोधपुर के संस्थापक निदेशक डॉ. नारायणसिंह भाटी की 96 वीं जयंती शुक्रवार को राजस्थानी शोध संस्थान, चौपासनी में मनाई गई।
सहायक निदेशक डॉ. जितेन्द्रसिंह भाटी ने बताया कि समारोह के अध्यक्ष रावल किशनसिंह जसोल, अध्यक्ष, चौपासनी शिक्षा समिति, जोधपुर थे। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि राजस्थानी भाषा को एवं डॉ. नारायणसिंह भाटी जैसे व्यक्तित्व को प्रारम्भिक स्तर पर विद्यालयों में भी पढ़ाना चाहिए। डॉ. भाटी का साहित्य राष्ट्र के लिए बहुत उपयोगी है। उन्होंने आजीवन मायड़ भाषा राजस्थानी की सेवा की।
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. भगवानसिंह शेखावत, इतिहास विभाग, जय नारायण व्यास वि.वि., जोधपुर ने कहा कि डॉ. भाटी राजस्थानी भाषा एवं साहित्य के युग दृष्टा के रूप में कवि साहित्यकार और इतिहासकार थे। इतिहास और साहित्य एक दूसरे के पूरक होते है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि डॉ. महेन्द्रसिंह तंवर, सहायक निदेशक, महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश ने राजस्थान के इतिहास एवं साहित्य के शोध और संपादन में डॉ. भाटी के अनुपम योगदान को बताते हुए कहा कि वे महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश के प्रथम मानद् निदेशक रहे और उन्होंने इस शोध केन्द्र को पुनः सुव्यवस्थित स्वरूप दिया।
समारोह के प्रमुख वक्ता श्री नारायणसिंह पीथळ, पूर्व उपाध्यक्ष, राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर ने राजस्थानी ग्रंथों के संपादन एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संपादन और शोध तथ्यपरक एवं तत्व परक होना चाहिए। तथ्यपरक शोध सूचनात्मक, परिचयात्मक, संकलन व संपादन चार श्रेणियों में विभक्त है। शोधकर्ता की दृष्टि जितनी सूक्ष्म, तेज, गहरी और वैज्ञानिक होगी तभी शोध और संपादन सार्थक सिद्ध होगा। शोध और संपादन को रोजगारोन्मुख बनाने की जरूरत है तब ही युवा पीढ़ी इस दिशा में आगे आएगी।
पूर्व में संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. जितेन्द्रसिंह भाटी ने राजस्थानी शोध संस्थान का प्रगति विवरण प्रस्तुत किया। संस्थान में ज्ञान भारतम मिशन के अन्तर्गत डिजिटाइजेशन कार्य प्रगति पर है
*समारोह में दो पुस्तकों का हुआ विमोचन*
- इस अवसर पर डॉ. सद्दीक मोहम्मद द्वारा लिखित ’’राजस्थान की संस्कृति के विविध सोपान ’’ एवं डॉ. संदीप प्रजापत द्वारा सम्पादित एवं अनुवादित ’‘ अ पायनियर ऑफ लिटरेचर, हिस्ट्री एंड फ़ोक कल्चर डॉ. नारायणसिंह भाटी ’’ शीर्षक पुस्तकों का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया।राजस्थानी शोध संस्थान उपसमिति के अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लीलियाँ आभार व्यक्त किया ।
समारोह में चौपासनी शिक्षा समिति के कोषाध्यक्ष दलपत सिंह खींची, डॉ. हुकमसिंह भाटी, प्रो. एस.पी व्यास, चौपासनी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो जयसिंह राठौड़, चौपासनी स्कूल के प्राचार्य दुर्गादास सिंह राजवी, मयूर चोपासनी स्कूल के प्राचार्य राजेश सोनी, डॉ. विमलेश राठौड़, महाराजा हनवन्त सैनिक स्कूल के प्राचार्य कुुंतल मजूमदार, पूर्व पार्षद राम सिंह जोधा , चौपासनी शिक्षा समिति के सदस्य मोहन सिंह भाटी ,बिशन सिंह भाटी,आनंद सिंह जोधा , मोहन सिंह खींची, गिरधर गोपाल सिंह भाटी, डॉ. भवानीसिंह राजपुरोहित, डॉ. रश्मि मीणा, डॉ. भवानीसिंह पातावत , डॉ. उषा कंवर राठौड़, भंवरलाल सुथार, मोहनसिंह भाटी एवं कई साहित्यकार एवं शोधार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन संस्थान के शोध अधिकारी डॉ. सद्दीक मोहम्मद ने किया।

