कविता : नीलम व्यास ‘स्वयंसिद्धा’- स्त्री जीवन
नीलम व्यास ‘स्वयंसिद्धा’ स्त्री जीवन मिला जीवन एक ही हुई उम्र पचास पार की पूर्ण जिम्मेदारी गई भूल खुद को तू स्त्री! अब जी खुद के लिए कर पूरे सपनें कर खुद से खुद तू प्रेम स्त्री! जिया हर रिश्ता मन से तूने स्त्री दूसरों के मन की करती दूसरों को लुभाती दूसरों की … Read more