एक रिपोर्टर. जोधपुर
एक रिपोर्टर ने हमें यह खबर भेजी है। खबर के अनुसार प्रदेश में विद्युत विभाग के कर्मचारियों के तबादला के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। इस संबंध में आज राजस्थान इंटक के वरिष्टम उपाध्यक्ष रमेश व्यास व प्रांतीय विद्युत मंडल मज़दूर फेडरेशन राजस्थान इंटक के सेक्रेटरी जनरल मंडल दत्त जोशी की अगुवाई में जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक भंवर लाल जीआईएएस को ज्ञापन सौंप कर विरोध जताया गया ।
यह जानकारी देते हुए राजस्थान यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र देवड़ा व प्रांतीय विद्युत मंडल मजदूर फेडरेशन राजस्थान इंटक के कोषाध्यक्ष शिवनारायण पुरोहित ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा स्थानान्तरण पर रोक को हटाने के बाद विद्युत विभाग में कर्मचारियों के स्थानान्तरण की बाढ़ आ गई है। नीति अनुसार स्थानान्तरण से तो किसी को कोई ऐतराज नहीं है, किन्तु अभी पूरे राजस्थान विद्युत विभाग में जो भी इंटक संगठन का सदस्य या पदाधिकारी वृत में है उनके चुन-चुन कर स्थानान्तरण हुए हैं। इससे संगठन का कार्य भी प्रभावित हुआ है एवं श्रमिक अस्त-व्यस्त होकर तनाव में आ गये हैं।
इंटक नेता रमेश व्यास ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं लेकिन इंटक संगठन ने कभी भी किसी को भयभीत नहीं किया न बदले की भावना से किसी अन्य संगठन के सदस्य या पदाधिकारी का स्थानान्तरण करवाने की सोच रखी। लोकतंत्र में ये स्वतंत्रता सभी को होती है कि किस संगठन का सदस्य बने या किसी का सदस्य न बने। ये आपसी व्यवहार और गंगा-यमुना तहजीब हमेशा बनी रही इंटक नेता मंडल दत्त जोशी ने कहा कि इस बार जो स्थानान्तरण हो रहे हैं उसमें न किसी भी श्रमिक की व्यक्तिगत समस्या, उसके परिवार की बीमारी या उसके स्वयं की बीमारी को ध्यान नहीं रखा न कोई वृत्त में किसी संगठन का पदाधिकारी का ध्यान रखा व जो अनुशासन में रहकर अपने जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे श्रमिकों का स्थानान्तरण एक तरह से उन्हें दण्डित करने जैसा ही लगता है। वो श्रमिक अपने आप को प्रताड़ित करना ही समझते हैं।
यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र देवड़ा ने प्रबंध निदेशक से हमारा निवेदन किया कि जो वृत में राष्ट्रीय संगठन के पदाधिकारी या वाजिब पारिवारिक समस्याओं से ग्रसित श्रमिकों का स्थानान्तरण निरस्त करने की कृपा करें। उन्हें राहत प्रदान करें। शिव नारायण पुरोहित ने कहा कि इंटक संगठन को विश्वास है कि आप हमारी उपरोक्त वाजिब मांग को मानते हुए श्रमिक जो बीमार है या उसके परिवार में कोई बीमार है या कोई संगठन का पदाधिकारी है उनका स्थानान्तरण निरस्त करने की अपील की। आशा ओर विश्वास है कि माननीय MD साब श्रमिक हित में सकारात्मक निर्णय लेकर राहत प्रदान करेंगे l
इंटक संगठन की तरफ़ से वार्ता में सर्व श्री रमेश व्यास, मण्डल दत्त जोशी, शिवनारायण पुरोहित , महेंद्र देवड़ा , अशोक पुरोहित , मुकेश कथूरिया व मुस्ताक अहमद आदि थे।
उल्लेखनीय है कि भड़ला प्रतिनियुक्ति कार्मिकों के भरोसे संचालन हो रहा है। 500 किमी दूर से लगाए कार्मिक, पद रिक्तता की समस्या, कैसे सुधरेगा विद्युत तंत्र यह सोचने वाली बात है। जोधपुर में संचालित सहायक अभियंता टीआर वर्कशॉप (T&C) राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण जोधपुर के पास कोई काम नहीं है। इस कार्यालय का संचालन भी 400 के वीजीएसएस सूरपुरा जोधपुर से होना चाहिए, लेकिन इनका कार्यालय 132केवीजीएसएस एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज जोधपुर से किया जा रहा है। मजे की बात देखिए श्री गोपाराम और श्री ललित कुमार को ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्यालय सहायक अभियंता टी आर वर्कशॉप (T&C) राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण जोधपुर से प्रतिनियुक्ति पर भड़ला लगाया गया I श्री ललित कुमार पर अधिकारियों की मेहरबानी थी उसे वापस 132 के वी जी एस एस लालसागर जोधपुर में ट्रांसफर कर दिया और श्री गोपाराम जो मूलत: सालावास का रहने वाला और सीधा मेहनती कर्मचारी है उसका ऑपरेशन सिंदूर के तहत प्रतिनियुक्ति आदेश को केंसिल कर भड़ला स्थानांतरित कर दिया l जबकि सभी संगठन माँग कर रहे थे की ऑपरेशन सिंदूर के तहत प्रतिनियुक्ति आदेशो को केंसिल किया जाय l कर्मचारियों का कहना है कि दूरदराज से प्रतिनियुक्ति पर आने वाले
कार्मिकों को आवागमन तथा पारिवारिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। वहीं, स्थायी स्टाफ
की कमी का असर कार्यक्षमता और त्वरित निर्णय प्रक्रिया पर भी पड़ रहा है l नियमित नियुक्तियां करने की मांग की है, ताकि बिजलीघर का संचालन सुचारु रूप से हो सके और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े l
(एक रिपोर्टर द्वारा भेजी गई रिपोर्ट।)


