S3 कोच की स्थिति देखकर यात्रियों में रोष, रेलवे प्रशासन और रेल मंत्री से जवाबदेही की मांग
दिलीप कुमार पुरोहित. मंडोर
15 जुलाई 2026, शाम 8:32 बजे | रनिचा एक्सप्रेस, S3 कोच (सीट 65) से विशेष रिपोर्ट
रनिचा एक्सप्रेस के S3 आरक्षित कोच से यह रिपोर्ट तैयार करते समय जो स्थिति सामने आई, वह भारतीय रेलवे की यात्री सुरक्षा और आरक्षण व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। आरक्षित कोच में इतनी अधिक भीड़ है कि कई यात्रियों के लिए अपनी आरक्षित सीट तक पहुंचना भी कठिन हो गया है। बड़ी संख्या में बिना आरक्षण वाले यात्रियों की मौजूदगी से कोच का वातावरण जनरल डिब्बे जैसा दिखाई दे रहा है।
यात्रियों का कहना है कि यदि आरक्षित कोच में प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है, तो आरक्षण व्यवस्था का उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है। सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा की है। आपातकालीन स्थिति या किसी दुर्घटना की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
यह स्थिति रेलवे प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। यात्रियों की मांग है कि टीटीई, आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों द्वारा आरक्षित कोचों में नियमित जांच सुनिश्चित की जाए तथा बिना वैध आरक्षण के प्रवेश करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
यात्रियों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मांग की है कि आरक्षित कोचों की सुरक्षा और आरक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए ठोस और जवाबदेह तंत्र विकसित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी अव्यवस्था दोबारा देखने को न मिले।
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