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भारतीय रेलवे में जनरल एवं आरक्षित कोचों में अनियंत्रित भीड़, यात्री सुरक्षा तथा टिकट प्रणाली में सुधार हेतु जनहित याचिका

राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के माननीय मुख्य न्यायाधीश एवं अन्य माननीय न्यायाधीशगण के समक्ष प्रार्थना पत्र

याचिकाकर्ता:
दिलीप कुमार पुरोहित
ग्रुप एडिटर, राइजिंग भास्कर

प्रतिवादीगण:

1. भारत संघ, रेल मंत्रालय, भारत सरकार
2. माननीय रेल मंत्री, भारत सरकार (पदेन)
3. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी
4. महानिदेशक, रेलवे सुरक्षा बल (RPF)
5. महाप्रबंधक, उत्तर पश्चिम रेलवे
6. मंडल रेल प्रबंधक, संबंधित मंडल
7. अन्य आवश्यक पक्षकार, जिन्हें माननीय न्यायालय उचित समझे।

विषय

भारतीय रेलवे की साधारण एवं आरक्षित श्रेणी की ट्रेनों में अनियंत्रित भीड़, यात्री सुरक्षा, टिकट बिक्री प्रणाली तथा संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत सुरक्षित जीवन के अधिकार की रक्षा हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के संबंध में।

प्रस्तावना

दिनांक 15 जुलाई 2026 को रात्रि 11:01 बजे रनिचा एक्सप्रेस के एस-3 कोच, सीट संख्या 65 से यात्रा के दौरान प्रत्यक्ष रूप से जो स्थिति देखने को मिली, उसने भारतीय रेलवे की यात्री सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े किए। आरक्षित कोच में अत्यधिक भीड़, आवागमन में कठिनाई तथा व्यवस्था पर नियंत्रण की कमी जैसी परिस्थितियाँ इस जनहित याचिका का आधार हैं।

यह याचिका किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि करोड़ों रेल यात्रियों के जीवन, सुरक्षा और सम्मानजनक यात्रा के अधिकार की रक्षा के उद्देश्य से प्रस्तुत की जा रही है।

तथ्य

1. देश के विभिन्न भागों से प्रतिदिन ऐसी तस्वीरें, वीडियो और समाचार सामने आते हैं जिनमें ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ दिखाई देती है।
2. प्रतियोगी परीक्षाओं के समय अनेक बार युवा ट्रेन की छतों एवं दरवाजों पर यात्रा करते देखे गए हैं, जो अत्यंत जोखिमपूर्ण स्थिति है।
3. आरक्षित कोचों में भी बिना आरक्षण यात्रियों के प्रवेश की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं।
4. ऐसी परिस्थितियों में दुर्घटना अथवा आपातकाल की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
5. आधुनिक तकनीक उपलब्ध होने के बावजूद भीड़ प्रबंधन के लिए और अधिक प्रभावी डिजिटल व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता प्रतीत होती है।

संवैधानिक आधार

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार प्रदान करता है। सार्वजनिक परिवहन का संचालन इस प्रकार होना चाहिए कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।

न्यायालय से प्रार्थना

माननीय न्यायालय से विनम्र निवेदन है कि वह केंद्र सरकार एवं रेल मंत्रालय से इस विषय पर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट तलब करने पर विचार करे तथा निम्न सुधारों पर विचार करने हेतु उपयुक्त निर्देश जारी करे—

1. जनरल कोच की स्वीकृत क्षमता के अनुरूप ही टिकट जारी करने हेतु तकनीकी व्यवस्था विकसित की जाए।
2. क्षमता पूरी होने पर उसी ट्रेन के लिए अतिरिक्त जनरल टिकट जारी न किए जाएँ।
3. “किसी भी ट्रेन” में यात्रा की अनुमति वाले सामान्य टिकट की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यकता अनुसार ऐसी प्रणाली विकसित की जाए जिसमें टिकट निर्धारित ट्रेन और निर्धारित समय से संबद्ध हो।
4. भीड़ वाले मार्गों पर अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें और अतिरिक्त जनरल कोच संचालित किए जाएँ।
5. आरक्षित कोचों में अनधिकृत प्रवेश रोकने हेतु टीटीई, आरपीएफ तथा अन्य अधिकारियों की संयुक्त निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए।
6. प्रत्येक प्रमुख स्टेशन पर भीड़ का वास्तविक समय (Real-time) आकलन कर यात्रियों को डिजिटल सूचना उपलब्ध कराई जाए।
7. छह माह के भीतर विशेषज्ञ समिति गठित कर टिकट प्रणाली, भीड़ प्रबंधन तथा यात्री सुरक्षा नियमों की समीक्षा कर नई नीति तैयार की जाए।
8. रेलवे द्वारा समय-समय पर सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाए कि किन मार्गों पर क्षमता से अधिक भीड़ रहती है और उसके समाधान हेतु क्या कदम उठाए गए हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सुझाव

याचिकाकर्ता का सुझाव है कि रेलवे निम्न AI आधारित प्रणाली विकसित करने पर विचार करे—

– AI आधारित Passenger Flow Management System।
– स्टेशन एवं कोच में कैमरों द्वारा भीड़ का रियल-टाइम विश्लेषण।
– क्षमता सीमा पार होने पर स्वतः टिकट बिक्री रोकने वाला सॉफ्टवेयर।
– मोबाइल ऐप के माध्यम से यात्रियों को भीड़ का पूर्वानुमान।
– AI द्वारा अतिरिक्त ट्रेनों की आवश्यकता का स्वतः विश्लेषण।
– भीड़ बढ़ने पर रेलवे अधिकारियों को स्वतः अलर्ट।
– प्लेटफॉर्म एवं कोच आवंटन का AI आधारित अनुकूलन।

जनहित

यह याचिका किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है। इसका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बने और भीड़ प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाए।

प्रार्थना

अतः माननीय न्यायालय से विनम्र निवेदन है कि इस याचिका को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करने पर विचार करते हुए प्रतिवादीगण से जवाब तलब करने तथा यात्री सुरक्षा, टिकट प्रणाली एवं भीड़ नियंत्रण के संबंध में उपयुक्त दिशा-निर्देश जारी करने की कृपा करें, जिससे भविष्य में रेल यात्रा अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और मानवीय बन सके।

दिनांक: 15 जुलाई 2026
स्थान: रनिचा एक्सप्रेस, एस-3 कोच, सीट 65

याचिकाकर्ता
दिलीप कुमार पुरोहित
ग्रुप एडिटर
राइजिंग भास्कर

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor