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Sunday, August 23, 2026, 5:56 am

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के महत्व, उच्च शिक्षा में इसके प्रभाव और आधुनिक व पारंपरिक शिक्षा के समन्वय पर जाेर

आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार प्रजापति ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी पर दिया व्याख्यान

पारस शर्मा. जोधपुर 

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (उच्च शिक्षा) का 63वां प्रदेश अधिवेशन 10-11 जनवरी को जोधपुर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।

कुलपति प्रोफेसर प्रजापति ने “उच्च शिक्षण में नवीन शिक्षा पद्दति विषय पर अपना प्रभावशाली व्याख्यान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के महत्व, उच्च शिक्षा में इसके प्रभाव, और आधुनिक व पारंपरिक शिक्षा के समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नीति के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।

अधिवेशन में राजस्थान के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् एवं विश्व आयुर्वेद परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. गोविंद सहाय शुक्ल और डॉ. राजीव सोनी सहित विभिन्न संस्थानों के गणमान्य जन उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई दृष्टि और दिशा प्रदान करने का कार्य किया।

प्रोफेसर प्रजापति ने अपने संबोधन में आयुर्वेद और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी से युवाओं के कौशल और व्यक्तित्व विकास को नया आयाम मिलेगा। उनके इस प्रेरणादायक व्याख्यान ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को शिक्षण क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, शोधार्थियों और छात्रों ने भाग लिया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor