पंकज जांगिड़. जोधपुर
सिरसा के सुविख्यात साहित्यकार सुरेन्द्र वर्मा की स्मृति में हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से उनकी धर्मपत्नी चाँद वर्मा और हरियाणा साहित्य अकादमी के अध्यक्ष रूपदेवगुन की मेजबानी मे लघुकविता सम्मेलन आयोजित हुआ।
जिसमें जोधपुर की सात कवयित्रियों नीना छिब्बर ने ‘अब लौट चलें’, बस॔ती पंवार ने ‘बचा रहे धरती का आंचल’, कैलाश कौशल ने ‘प्रार्थनाओं में इंद्रधनुष’, ऋचा अग्रवाल ने ‘धरा से गगन तक’, सीमा जोशी मूथा ने ‘स्वरूप प्रकृति का’, डॉ. तृप्ति गोस्वामी ने ‘एक पेड़ की छाँव तले’ और नीलम व्यास ने ‘धरा की पीर बाँचे कौन’ प्रकृति प्रेम एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी लघु कविताओं द्वारा अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इस भव्य सम्मान समारोह में इन साहित्यकारों की कृतियों का विमोचन हुआ और रचनाओं की भूरि भूरि प्रशंसा हुई, सबने खुले मन से इन रचनाओं को सराहा। सभी को सम्मान पत्र, स्मृति चिन्ह अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कुल 52 लघु कविताकारों के संग्रहों पर आधारित आलोचना ग्रंथ का भी लोकार्पण हुआ। जिसकी प्रस्तुति सिरसा की साहित्यकार शील कौशिक ने दी। हरीश सेठी झिलमिल द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया। जिसमें दिल्ली, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, रोहतक, भिवानी, करनाल, चंडीगढ़ आदि से पधारे साहित्य प्रेमी उपस्थित हुए। सुरेन्द्र वर्मा की गजलों का सस्वर पाठ व गायन उनके पुत्र विक्रम वर्मा व प्रसिद्ध बाॅलीवुड स्टार गजेन्द्र वर्मा द्वारा किया गया, जो समारोह का मुख्य आकर्षण रहा।




