गहलोत जी.. अनुठे साहित्यानुरागी बीकानेर रत्न के सही हकदार है..
शोक को अशोक बनाना,उस अव्यक्त को व्यक्त करना साहित्यकार का काम है, व्यक्ति आते हैं जाते हैं पर गुण गान उन्ही के,जो अद्वीतिय रच जाते हैं नेम जी की उदात्त वृत्ति, साहित्य कृति स्मृति पर स्मारिका निकाली जाए, सच्ची श्रृद्धांजली राखी पुरोहित. बीकानेर स्वास्थ्य एवं साहित्य संगम के राष्ट्रीय कवि चौपाल की 516 वीं कड़ी … Read more