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Friday, January 16, 2026, 11:19 pm

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मुमुक्षु चारु छाजेड बीकानेर में 28 मई को लेंगी दीक्षा

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शिव वर्मा. जोधपुर

राम गुरु विराट है,दिक्षाओं का ठाट हैlश्री साधु मार्गी जैन परम्परा के राष्ट्रीय सन्त आचार्य रामेश की प्रेरणा से उनके सान्निध्य में देश भर में निरन्तर सांसारिक आत्मायें सांसारिक जीवन त्याग कर साधु जीवन अपनाने को अग्रसर होती जा रही है।अपने आचार्य पद काल के 25 वर्षो में उन्होंने अब तक 430 से भी अधिक चारित्र आत्माओं को दीक्षा प्रदान की है
।जब आत्मा जन्मों जन्मों के संस्कारों से जागती है तो वह मोह माया की रेखायें स्वयं मिटा देती है।ऐसी ही एक विशिष्ट होनहार, वैराग्य दृष्टा आत्मा जालम विलास, पावटा,जोधपुर की बेटी मुमुक्षु चारु छाजेड़ आगामी 28 मई,2025,विक्रम सम्वत 2082 जेठ सुदी 2,बुधवार को बीकानेर की पुण्य धरा पर आचार्य रामेश के पावन सानिध्य में दिक्षा अंगीकार करने जा रही है।आचार्य रामेश के साधना की गहराई, आगम शास्त्र ज्ञान, तपस्या की विराटता ,उनका आत्मीय सान्निध्य मुमुक्षु आत्माओं के लिए प्रेरणा और वरदान बन चुका है।मुमुक्षु चारु छाजेड़ के जीवन में जो वैराग्य पोषित हुआ ,उसका मूल यही दिव्य सान्निध्य है।16 अगस्त, 2000 को गुजरात के गाँधी धाम में जन्मी मुमुक्षु चारु छाजेड़ ने सिविल इन्जीनियरिंग में बीटैक की शिक्षा प्राप्त की।अपने लगभग साढ़े तीन वर्ष के वैराग्य काल के दौरान आपने धार्मिक अध्ययन में पुच्छीसुणम, श्रीमद् दशवैकालिक सूत्र,श्री नन्दी सूत्र,उत्तराध्ययन सूत्र के कुछ अध्ययन, तत्त्व का ताला भाग- एक के थोकड़े,श्रीमद् प्रज्ञापना सूत्र एवं श्रीमद् भगवती सूत्र के कुछ थोकड़े ,कर्म प्रज्ञप्ति एवं अन्य थोकड़े एवं धार्मिक परीक्षा में जैन सिद्धांत भूषण, जैन सिद्धांत आदि का अध्ययन किया एवं श्री अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ द्वारा मुमुक्षुओं हेतु संचालित ‘आरोग्बोहिलाभं’ में भी धार्मिक शिक्षा प्राप्त की। अपने साढ़े तीन वर्ष के वैराग्य काल में आपने लगभग 300 किलोमीटर की पद यात्रा की तथा कई बेले, तेले,आयम्बिल, अठाई,सिद्धीतप,11,15,मासखामण,वर्षी तप आदि उपवास तप की अनेकों आराधना की। आपके दादा स्वर्गीय जौहरीमल छाजेड़ धर्मनिष्ठ, सेवाभावी और सादगी के प्रतीक थे,दादी रमकू देवी करुणा एवं श्रद्धा से परिपूर्ण थी। पिता गजराज छाजेड़ जिनके आशीर्वाद की छाया में पली ,रेलवे विभाग में मुख्य अभियन्ता के पद से सेवानिवृत्त होकर जीवन भर अनुशासन,धैर्य और विवेक के ध्योतक रहे हैं। माता अनिता की विनम्रता,धर्म प्रेम और मौन तपस्या चारु के व्यक्तित्व में भी झलकतीहै। बहन नेहा और दर्शना सरकारी सेवा में उच्च पद पर आसीन है एवं बहनोई हिमांशु भी आदर्शवान हैं।
बीकानेर 28 मई को उस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनेगा जब आत्मा, संयम के दीपक से दीप्त हो जाएगी और आचार्य रामेश के सान्निध्य में दीक्षा अंगीकार करेगी।दिक्षित होने जा रही मुमुक्षु चारु एवं उनके परिवार जनों का श्री साधुमार्गी जैन संघ, जोधपुर के अध्यक्ष बहादुरचन्द मणोत, महामन्त्री सुरेश सांखला,राष्ट्रीय मन्त्री तनसुख जैन,महिला मण्डल की राष्ट्रीय मन्त्री शीलू भण्डारी,महिला मण्डल अध्यक्ष मन्जु चौपड़ा, महामन्त्री अनिता छाजेड़,युवा संघ अध्यक्ष रमेश मालू,महामन्त्री हेमन्त विनायकिया,बहुमंडल अध्यक्ष शालिनी सिंगी,महामन्त्री मनीषा चौपड़ा आदि की अगुवाई में इसी सप्ताह सादगीपूर्ण रूप से अभिनन्दन एवं बहुमान किया जायेगा।

Rising Bhaskar
Author: Rising Bhaskar


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