इस विशेष पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो तथा सूची पूरी तरह से अद्यतन, शुद्ध और त्रुटि-मुक्त रहे।
राइजिंग भास्कर. जोधपुर
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जोधपुर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR 2026) का कार्य प्रारंभ हो गया है। इस विशेष पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो तथा सूची पूरी तरह से अद्यतन, शुद्ध और त्रुटि-मुक्त रहे। इसके लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा वर्तमान में SIR 2002 की मतदाता सूची से मतदाताओं के विवरण की मैपिंग का कार्य किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक मतदाता का सही और प्रमाणित विवरण उपलब्ध हो सके।
घर-घर सत्यापन में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक :
घर-घर सत्यापन में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसलिए मतदाता पहचान पत्र और पारिवारिक विवरण तैयार रखें। जिले के सभी बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्र कर रहे हैं। इस दौरान नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने और अपने परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी सही-सही उपलब्ध कराएं और अपने वोटर आईडी (EPIC) कार्ड और हाल की रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो तैयार रखें, तथा बीएलओ द्वारा दिए गए प्रपत्र में सटीक विवरण भरकर हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाएं।मतदाता अपने परिवार के वरिष्ठ सदस्यों की जानकारी, जैसे माता-पिता या दादा-दादी के नाम और उनसे संबंध की जानकारी भी साझा करें क्योंकि वर्तमान 2025 की मतदाता सूची में जिन मतदाताओं के नाम दर्ज हैं, उनकी मैपिंग 2002 की मतदाता सूची से की जा रही। इसके लिए आवश्यक है कि मतदाता 2002 की मतदात सूची में स्वयं का या अपने माता पिता का या अपने दादा दादी का नाम अंकित होने की जानकारी BLO को दें, जिससे उनके एपिक नंबर, विधानसभा का नाम, भाग संख्या आदि की जानकारी अपने BLO को दें ताकि 2025 की मतदाता सूची से 2002 की मतदाता सूची का विवरण मैप कर सकें।
पुरानी सूची से मैपिंग न होने पर जटिल हो सकती है प्रक्रिया :
9 दिसम्बर के बाद पात्रता प्रमाण के लिए आवश्यक होंगे अतिरिक्त दस्तावेज। यदि किसी मतदाता का नाम पिछली मतदाता सूची (SIR 2002) से मैप नहीं हो पाया है तो उसे विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में 9 दिसम्बर के बाद पात्रता प्रमाणित करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता पड़ सकती है, जिससे प्रक्रिया जटिल हो सकती है। वर्तमान में बीएलओ के माध्यम से मैपिंग सुनिश्चित कर यह कार्य सरलता से किया जा सकता है। लोगों से आग्रह किया गया है कि बीएलओ को परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के नाम, 2002 की मतदाता सूची में अंकित विवरण, EPIC नंबर (यदि उपलब्ध हों) और संबंधों की जानकारी अवश्य दें ताकि पुराने अभिलेखों से तुलना कर सटीक मैपिंग पूरी की जा सके।
निर्वाचन विभाग की वेबसाइट से अब स्वयं भर सकेंगे ऑनलाइन फॉर्म
मतदाता सेवा पोर्टल पर उपलब्ध है जानकारी संशोधन और सत्यापन की सुविधा अब मतदाता स्वयं भी भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल [https://voters.eci.gov.in/](https://voters.eci.gov.in/) पर जाकर अपनी या अपने परिवार के किसी सदस्य की जानकारी देख सकते हैं । यह सुविधा मतदाताओं के लिए अत्यंत उपयोगी है, जिससे उन्हें बीएलओ पर निर्भर हुए बिना अपनी जानकारी अद्यतन करने का अवसर मिलेगा। मतदाता सूची का यह विशेष पुनरीक्षण लोकतंत्र की सुदृढ़ नींव है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और आगामी निर्वाचन में सभी नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को सशक्त बना सकें।




