केबी व्यास ने बताया कि उन्होंने बीड़ा उठाया है कि कि प्रोफेसर सिन्हा साहब को उनके जन्म शताब्दी 2028 से पहले वे 12 देशों ले कर जाएंगे।
दूर क्षितिज तक जहां तक हमारी दृष्टि जाती है वहां तक प्रो सिन्हा साहब के पास ज्ञान ही ज्ञान था, लेकिन वो ज्ञान आत्मसात हो चुका था, वो ज्ञान हलक से नीचे उतरा हुआ था।
2028 से पूर्व 12 देशों की यात्रा में छठा पड़ाव 9, 10, 11 जनवरी को मारिशस में होगा ।
दिलीप कुमार पुरोहित. मस्कत (ओमान)
ब्रह्मलीन, युग-मनीषी प्रोफ़ेसर हिम्मत सिंह सिन्हा की ज्ञान -यात्रा को 12 देशों में ले जाने हेतु, पांचवां पड़ाव मस्कत, ओमान में सम्पन्न हुआ। मस्कत के कुल 65 लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम प्रो सिन्हा के जन्म दिवस 1 दिसम्बर के उपलक्ष्य पर मनाया गया। इस अवसर पर अनुराधा व्यास ने प्रो सिन्हा साहब की ग़ज़ल सुना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।
केबी व्यास ने बताया कि उन्होंने बीड़ा उठाया है कि कि प्रोफेसर सिन्हा साहब को उनके जन्म शताब्दी 2028 से पहले वे 12 देशों ले कर जाएंगे। उन्होंने अनकी पुस्तक ‘ सहज अभिव्यक्ति – भाग 3’ का पुरोवाक्य प्रो सिन्हा ने अपने ब्रह्मलीन होने से मात्र 10 दिनों पूर्व ही लिखा था। उन्होंने बताया कि दूर क्षितिज तक जहां तक हमारी दृष्टि जाती है वहां तक प्रो सिन्हा साहब के पास ज्ञान ही ज्ञान था, लेकिन वो ज्ञान आत्मसात हो चुका था, वो ज्ञान हलक से नीचे उतरा हुआ था।
कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि डाॅ. सुरेंद्र स्वामी जो कि 32 इंडियन स्कूल ओमान में ओमान के भारतीय राजदूतावास से नियुक्त बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर के सदस्य हैं, ने कहा कि प्रोफेसर सिन्हा का नाम उन्होंने अभी हाल ही में सुना था और उनके ज्ञान से परिपूर्ण और सहज रूप से बोले गए वीडियो को देख कर लगा कि हम शायद अभी तक बच्चों को केवल सेलेबस पूरा करने में लगे थे – आज ये मालूम हुआ कि बच्चों को संस्कार देना और उनमें ज्ञान का शौक़ पैदा करना चाहिए तथा उन्हें स्वाध्याय के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए । पंकज फ़ोफ़लिया जो राजस्थान विंग के कन्वीनर हैं, उन्होंने ये कहा कि मैं अभिभूत हूँ कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में दर्शन शास्त्र के विभागाध्यक्ष होने के उपरान्त केवल तीन जोड़ी धोती कुर्ता और दो जोड़ी जूते ही उनकी चल- अचल सम्पत्ति थी और वे सदैव रेल की तृतीय श्रेणी में ही सफर किया करते थे।
महिला काव्य मंच की विदेश उपाध्यक्ष स्नेहा देव ने उनके विराट व्यक्तित्व को विभिन्न उदाहरण दे कर रेखांकित किया। प्रोफेसर आशीष रस्तोगी जो टेक्निकल एजुकेशन में गणित के प्राध्यापक हैं, ने कहा कि प्रो सिन्हा के वीडियो से मुझे मालूम हुआ कि रामायण से सीख मिलती है कि सदैव दूसरो के लिए हम जिएं और हनुमान जी हम सीखे कि निस्वार्थता वाली सेवा देना क्या होता है ।
प्रतिभा सिन्हा ने प्रो सिन्हा साहब के दर्शन के प्रति लोगों को बताया। उन्होंने कहा कि उनका दर्शन ज्ञान अथाह था, हम जितना जानें उतना ही कम लगता है ।
प्रजापति और भटनागर साहब ने भी प्रोफ़ेसर हिम्मत सिंह सिन्हा के व्यक्तित्व को पहचाना और लोगों को कहा कि इस तरह के प्रज्ञा पुरुष भारत में जिए हैं, ये गर्व की बात है। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षत्रों के प्रबुद्ध ज्ञानी पुरुष और महिलाएं आई हुई थी । विभिन्न स्कूलों के अध्यापक, हैड आफ़ विंग, विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक, संगीत के शिक्षक, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, चार्टेड अकाउंटेंटस, कवि, लेखक, हाइकुकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समागम था। केबी व्यास ने बताया कि 2028 से पूर्व 12 देशों की यात्रा में छठा पड़ाव 9, 10, 11 जनवरी को मारिशस में होगा ।
















