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Wednesday, April 29, 2026, 10:42 pm

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महिला दिवस : स्व. पुष्पलता राठी की पुण्यतिथि और पूजा आनंद राठी मारू की वैवाहिक वर्षगांठ पर 70 महिलाओं को मिलेंगी सिलाई मशीन और आटा चक्की

पुण्य स्मृति और जन्मोत्सव का अनोखा संगम : महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल, संबल महिला प्रकोष्ठ का सराहनीय आयोजन

दिलीप कुमार पुरोहित. राखी पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com 

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से शहर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम स्वर्गीय पुष्पलता राठी की पुण्यतिथि और समाजसेवी पूजा आनंद राठी मारू की वैवाहिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाएगा, जिसमें जरूरतमंद 70 महिलाओं को सिलाई मशीन, आटा चक्की सहित विभिन्न स्वरोजगार से जुड़े उपकरण वितरित किए जाएंगे।

कार्यक्रम का आयोजन श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के महिला प्रकोष्ठ ‘संबल’ के तत्वावधान में 8 मार्च को वेदिक कन्या स्कूल बागर चौक, पुलिस थाना के पास जोधपुर में आयोजित होगा, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति रहेगी।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जानी-मानी समाजसेवी श्रीमती शशि सुरेश राठी होंगी, जो वर्षों से सामाजिक सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।

पुण्य स्मृति को सेवा से जोड़ने की पहल

इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एक औपचारिक आयोजन करना नहीं बल्कि स्वर्गीय पुष्पलता राठी की स्मृति को सेवा और समाजहित के कार्यों से जोड़ना है। आयोजकों का मानना है कि किसी महान व्यक्ति की पुण्यतिथि को केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उनके आदर्शों को समाज सेवा के माध्यम से आगे बढ़ाना चाहिए। इसी भावना के साथ स्व. पुष्पलता राठी की पुण्यतिथि को सेवा कार्यों से जोड़ते हुए महिलाओं को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

वैवाहिक वर्षगांठ को बनाया सेवा का पर्व

इस कार्यक्रम का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसे समाजसेवी पूजा आनंद राठी मारू के वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर से भी जोड़ा गया है। आज के समय में जहां वैवाहिक वर्षगांठ को अक्सर व्यक्तिगत उत्सव के रूप में मनाए जाते हैं, वहीं इस आयोजन के माध्यम से वैवाहिक वर्षगांठ को समाज सेवा के पर्व के रूप में मनाने का संदेश दिया जा रहा है। कार्यक्रम से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों को प्रेरित करते हैं कि वे अपने व्यक्तिगत अवसरों को समाज के हित में उपयोग करें।

स्वरोजगार से जुड़ेंगी महिलाएं

कार्यक्रम के तहत 70 महिलाओं को सिलाई मशीन, आटा चक्की और अन्य उपकरण प्रदान किए जाएंगे। इन उपकरणों का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे अपने घर से ही काम शुरू कर सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे स्तर के स्वरोजगार से महिलाओं के जीवन में बड़ा परिवर्तन आ सकता है।

कार्यक्रम में होंगी कई विशिष्ट हस्तियां

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए परियोजना अधिकारी श्रीमती भंवर कंवर ने बताया कि इस अवसर पर कई सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में डॉ. मीता मुल्तानी जो श्री पारसमल बोहरा नेत्रहीन विद्यालय चौखा की प्राचार्य हैं विशेष रूप से मौजूद रहेंगी। साथ ही संबल की मानद सचिव श्रीमती सुशीला बोहरा और अध्यक्ष श्रीमती नीलम मेहता की विशिष्ट भूमिका होगी। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम को प्रेरणादायक दिशा मिलेगी।

संबल महिला प्रकोष्ठ की सक्रिय भूमिका

‘संबल’ महिला प्रकोष्ठ की मानद सचिव श्रीमती सुशीला बोहरा और अध्यक्ष श्रीमती नीलम मेहता ने बताया कि यह कार्यक्रम समाज सेवा की भावना से प्रेरित होकर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम आनंद राठी और सुरेश राठी ग्रुप के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण की मजबूत आवाज

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती शशि सुरेश राठी लंबे समय से महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। वे विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेती रही हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका मानना है कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनें।

“महिलाएं समाज की धुरी हैं”

श्रीमती शशि सुरेश राठी का हमेशा यह मानना रहा है कि महिलाएं केवल घर-परिवार की जिम्मेदारी निभाने वाली नहीं बल्कि पूरे समाज की धुरी होती हैं। उनके अनुसार समाज में सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत भी महिलाओं से ही होती है। यदि महिलाओं को शिक्षा, अवसर और संसाधन मिलें तो वे समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएं

आज का दौर महिलाओं के लिए नए अवसरों का दौर है। महिलाएं अब केवल पारंपरिक भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विज्ञान, व्यापार, वाणिज्य, शिक्षा, चिकित्सा, अंतरिक्ष, सेना, स्टार्टअप और विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। देश और दुनिया में महिलाओं की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि अवसर मिलने पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

  • महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास

  • आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की पहल

  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को सेवा और प्रेरणा के रूप में मनाने का संदेश

  • स्व. पुष्पलता राठी की स्मृति को सामाजिक सेवा से जोड़ने की अनूठी पहल

  • पूजा आनंद राठी मारू की वैवाहिक वर्षगांठ को समाज सेवा के उत्सव में बदलने का उदाहरण

कार्यक्रम की मुख्य जानकारी

तिथि: 8 मार्च (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस)
स्थान: वेदिक कन्या स्कूल, बागर चौक, जोधपुर
आयोजक: श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति महिला प्रकोष्ठ ‘संबल’

मुख्य अतिथि: श्रीमती शशि सुरेश राठी

  • श्रीमती शशि सुरेश राठी के करकमलों से सिलाई मशीनों और आटा चक्की आदि का वितरण किया जाएगा।

विशेष अतिथि: 

  • डॉ. मीता मुल्तानी  

मुख्य उद्देश्य:

  • 70 महिलाओं को सिलाई मशीन, आटा चक्की आदि वितरित कर स्वरोजगार से जोड़ना

समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश

इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि समाज सेवा केवल बड़े संस्थानों का कार्य नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। स्व. पुष्पलता राठी की पुण्यतिथि और पूजा आनंद राठी मारू की वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है बल्कि यह समाज के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह पहल इस बात का प्रतीक है कि जब समाज के लोग मिलकर किसी उद्देश्य के लिए काम करते हैं तो उससे कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor