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Thursday, July 9, 2026, 2:41 pm

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सिंधी समाज के इष्टदेव झूलेलाल के चालीहा महोत्सव में 101 ज्योति जगाकर महाआरती की

सिंधी समाज ने पत्रकारों का किया सम्मान 

स्वतंत्र पत्रकार. जोधपुर

सिंधी समाज शहर ने झूलेलाल चालीहा महोत्सव के तहत 101 ज्योति प्रज्वलित कर धार्मिक आयोजन और महाआरती की । इसके बाद आयोजित कार्यक्रम में सिंधी समाज के प्रमुख पत्रकारों का अपने समाज के साथ अन्य समाज को सेवाएं देने में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित कर समाज धन्य हुआ।
शहर सिंधी समाज के सोजती गेट के अंदर स्थित ईष्टदेव झूलेलाल के मंदिर के प्रमुख सेवादार एवं पूर्व अध्यक्ष भगवान मुरझानी ने बताया कि बाबा जयरामदास के सानिध्य में ईष्टदेव झूलेलाल की चालीस दिन तक चलने वाले अखंड ज्योति और धार्मिक, सांस्कृतिक ओर सामाजिक आयोजनों के तहत बुधवार रात 101 दीपक प्रज्ज्वलन के साथ पूरे मंदिर परिसर को जगमगा दिया गया। इस 101 दीपकों महा आरती की गई।

सेवादार भगवान मुरझानी के अनुसार सिंधी समाज शहर की ओर से हमारे अपने सिंधी के प्रमुख पत्रकारों उत्तम वरवानी, केडी ईसरानी, सुरेश पी. खेतानी, नंदलाल राणे, राजेश भेरवानी, नारायण खटवाणी, हेमंत लालवानी इत्यादि का ईष्टदेव झूलेलाल का दुपटटा, लाल टोपी और स्मृति चिन्ह देकर उपस्थित समाज बंधुओं की तालियों की गडगडाहट के बीच सम्मान किया गया। उन्होंने बताया कि हमारे सिंधी समाज के पत्रकारों का न केवल सिंधी समाज बल्कि सभी समाज में योगदान और समाज के प्रति उल्लेखनीय सेवांए और योगदान रहा है। इसके लिए सम्मान कर समाज ने अपना समान बढाया।

झूम उठे युवा बुजुर्ग और बच्चे जवानः

झूलेलाल मंदिर मे 101 दीप प्रज्ज्वल और चंद्र दर्शन के साथ सिंधी भजनों, सिंधीलोक गीतों और कीर्तन के कार्यक्रम में युवा,बुजुर्ग , बच्चे महिलाएं सब झूम उठे। यहां मंदिर परिसर में चंद्र दर्शन का भी विशेष आयोजन किया गया। इसमें पूरे शहर के सिंधी समाज के गणमान्य लोग, सेवादार, कई सिंधी पंचायतों के पदाधिकारी और समाज के गणमान्य व्यक्ति ,भामाशाह उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रसादी का आयोजन रातानाडा के ईष्वर चेलानी परिवार की ओर से किया गया।
’तीन दिन ओर चलेगा चालिहा महोत्सवः’ झूलेलाल मंदिर सोजतीगेट के प्रमुख सेवादार भगवान मुरझानी के अनुसार चालीहा महोत्सव का समापन 8 सितंबर को होगा। इससे पहले 5 सितंबर को समाज के पंडितो द्वारा पूजन, 6 को 151 कन्या पूजन, 7 सिंतबर को समाज के अलग अलग क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिभाओं का सम्मान और 8 सिंतबर को कलश यात्रा के साथ बहराणा साहब के साथ चालीहा महोत्सव का समापन होगा।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor