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Friday, July 10, 2026, 1:30 pm

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Category: Social Work

“स्प्रेड स्माइल” —वंचित वर्ग के बच्चों और महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान लाने में जुटी एक संस्था

” छोटी-छोटी खुशियों” से जीवन बेहतर हो सकता है — यही सोच प्रेरणा बनी । कुछ सदस्यों ने स्वंय देखा कि बच्चों के पास किताबें

द ड्रिम ऑफ विक्ट्री : डीके पुरोहित (न्यूयॉर्क)

उपन्यासकार : डीके पुरोहित (न्यूयॉर्क) -:घोषणा:- ”द ड्रिम ऑफ विक्ट्री” उपन्यास काल्पनिक घटनाओं और पात्रों की एक विस्तृत परिकल्पना है, लेकिन इसकी भावनाएं, अंतर्दृष्टि और

प्रदूषण मुक्त दिवाली…आइए इस दिवाली धुआं नहीं, चमक बिखेरें!

सिर्फ ग्रीन पटाखे ही खरीदें — जानिए असली और नकली की पहचान के 7 पक्के तरीके दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 9783414079 diliprakhai@gmail.com  दिवाली की रौनक

जैसलमेर निजी बस में आग हादसा : कलेक्टर और डीटीओ को सीधे-सीधे जिम्मेदार ठहराया जाए, तुरंत निलंबित करो, हादसे की न्यायिक जांच हो, ट्रेवल एजेंसी के मालिक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार करें

राइजिंग भास्कर कॉलम. दिलीप कुमार पुरोहित जैसलमेर से जोधपुर रूट पर लगभग हर आधे घंटे या घंटे भर से निजी बसें चलती हैं। सभी निजी

सुचेता कृपलानी शिक्षा संस्थान : जहां दिव्यांगों को मिली जीने की राह…कोई डॉक्टर बन कर रहे सेवा, किसी ने खेलों में रचा इतिहास

  मेरे पिताजी पद्मश्री पद्म भूषण, राज्यसभा मनोनीत सदस्य डॉ. नारायण सिंह माणकलाव का मानना है कि दिव्यांगता कोई सीखी हुई चीज नहीं, बल्कि प्रकृति

स्वदेशी कोई नारा नहीं, राष्ट्रीय संकल्प : शेखावत

फलोदी में आत्मनिर्भर भारत कार्यशाला में बोले केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री शिव वर्मा. फलोदी. जोधपुर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने

पत्रकार का दावा सरकारी भवन में बिना लाइसेंस के पटाखे पड़े हैं? सहकारी बाजार के जनरल मैनेजर की कैमरे के सामने बोलती बंद

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 9783414079 diliprakhai@gmail.com सहकारी बाजार के सरकारी भवन में बिना लाइसेंस पटाखे आने के एक पत्रकार के सवाल के जवाब में जनरल

माया केयर फाउंडेशन का मूलमंत्र बुजुर्ग-दिव्यांगजन अपने को अकेला ना समझें… परिवार के बाद सबसे अच्छा साथ; भारत के 72 शहरों, ब्रिटेन के 4 और काठमांडू में भी सक्रिय

माया केयर की सबसे बड़ी उपलब्धि है — वृद्धजनों की आंखों में लौटी उम्मीद की चमक। कई बुजुर्ग जो अकेलेपन से टूट चुके थे, आज

“संगीत मेरी साधना है, सेवा मेरा जीवन”…यशोदा माहेश्वरी – सुर, सेवा और संवेदना की मिसाल

जब आप किसी की मदद करते हैं और उसके चेहरे पर मुस्कान देखते हैं — वही सबसे बड़ा पुरस्कार है। कभी किसी से दान नहीं