पितृ दिवस पर एन डी निम्बावत की कविता
यहाँ कौन है पिता के समान जो रहता पिता के पास, वो ही है धनवान माँ है धरती तो पिता है सबके लिए आसमान जग में माँ तो है ममता की जीती जागती मूरत पिता तो साक्षात हैं पालन हार विष्णु भगवान यहाँ कौन है पिता के समान नित प्रातः करें माँ के साथ पिता … Read more