Explore

Search

Sunday, August 23, 2026, 12:58 pm

Sunday, August 23, 2026, 12:58 pm

LATEST NEWS
[wonderplugin_slider id=1]
Lifestyle

स्वयंसिद्धा की ‘सुरमई सांझ स्वप्निल सवेरा’ का लोकार्पण…काव्य कलश की गोष्ठी में गीतों-गजलों-कविताओं की बही त्रिवेणी

श्याम गुप्ता ‘शांत’ ने काव्यांशी की लिखी समीक्षा का वाचन किया

राखी पुरोहित. जोधपुर

वरिष्ठ कवयित्री नीलम व्यास स्वयंसिद्धा की नई काव्य पुस्तक ‘सुरमई सांझ स्वप्निल सवेरा’ का सोमवार को उनके जन्मदिन पर लक्ष्मीनगर में लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम काव्य कलश संस्थान के बैनर तले किया गया। स्वयंसिद्धा ने कहा कि जीवन की सुरमई सांझ में भी स्वप्निल सवेरा हर आदमी के जीवन में दस्तक देता है। बस जीवन को जीने का नजरिया आना चाहिए। ऐसे ही भावों से यह पुस्तक लिखी गई है। सुरमई सांझ…सुरों का जीवन में राग-अनुराग होता है। जीवन खुद भी एक राग है। जीवन में हर व्यक्ति को सुख-दुख की अनुभूति होती है। सांझ में भी सुरों को महसूस किया जा सकता है। ऐसा करने से जीवन का स्वप्निल सवेरा साकार हो सकता है। यह पुस्तक अपने आपमें अनूठी है। इसके भाव महत्वपूर्ण है। इस पुस्तक पर वरिष्ठ कवयित्री डॉ. तृप्ति गोस्वामी काव्यांशी ने उम्दा समीक्षा लिखी। मगर उनकी अनुपस्थिति में काव्य कलश के सचिव वरिष्ठ कवि और चिंतक श्याम गुप्ता शांत ने उसका वाचन किया। गुप्ता ने कहा कि नीलम व्यास की कविताओं में विषय की गंभीरता है। वह हर विषय को शब्दों के गांभीर्य से महत्वपूर्ण मोड़ देती है। उनकी कविताओं में गंभीरता होती है। वह कविताओं को भावना के सागर से सराबोर कर उसे संप्रेषित कर देती है।

कार्यक्रम के पहले सत्र में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् प्रदीप शर्मा की स्वर लहरियों के साथ मां सरस्वती की विधिवत वंदना व माल्यार्पण के बाद कवयित्री नीलम व्यास ‘स्वयंसिद्धा’ के नूतन काव्य- संग्रह “सुरमई सांझ स्वप्निल सवेरा” का अतिथियों द्वारा लोकार्पण किया गया। लेखिका द्वारा समारोह अध्यक्ष मनोहर सिंह राठौड़, मुख्य अतिथि लीला कृपलानी, विशिष्ट अतिथि जाने-माने पत्रकार मिश्रीलाल पंवार, संस्था सचिव श्याम गुप्ता ‘शान्त’ एवं कार्यक्रम संचालक राजेन्द्र खींवसरा का माला और शाल ओढ़ाकर बहुमान किया गया। तत्पश्चात् मंचासीन अतिथियों, पत्रकारों व कलमकारों की उपस्थिति में पुस्तक का लोकार्पण किया गया।
मुख्य‌ एवं विशिष्ट अतिथि ने लोकार्पित पुस्तक पर प्रकाश डाला।

तीन घंटे चला कार्यक्रम में दो दर्जन से अधिक साहित्यकार मौजूद थे

दूसरे सत्र में काव्य-गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें दो दर्जन से अधिक कवियों ने गोष्ठी की नियत थीम-“प्रेम” को केंद्र में रखकर उसमें जोर-शोर से भाग लिया। प्रमुख साहित्यकारों में युवा गीतकार और उपन्यासकार और श्री जागृति संस्थान के पूर्व अध्यक्ष दिलीप केसानी, राखी पुरोहित,  पंकज जांगिड़, श्री जागृति संस्थान के अध्यक्ष राजेश भैरवानी, सचिव हर्षद भाटी, कवि व रंगकर्मी कमलेश तिवारी, गौतम के. गट्स, हंसराज बारासा हंसा, असरार भाई, दीपिका, अनुसूइया गोस्वामी  सहित शहर के कई साहित्यकार मौजूद थे। स्वागत-भाषण एडवोकेट एन.डी.निंबावत ने दिया। कार्यक्रम का बेहतरीन और प्रभावी संचालन राजेन्द्र खींवसरा ने किया। गरिमायुक्त समूचा कार्यक्रम तीन घंटे से अधिक चला। समारोह-अध्यक्ष मनोहर सिंह राठौड़ के अध्यक्षीय उद्बोधन व धन्यवाद के पश्चात अल्पाहार का सुंदर आयोजन रखा गया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor