राजस्थानी को दूसरी राजभाषा संवैधानिक मान्यता एवं प्राथमिक शिक्षा बाबत समर्पित आयोजन के साथ विशेष काव्य गोष्ठी का आयोजन होगा
राखी पुरोहित. बीकानेर
प्रज्ञालय संस्थान एवं राजस्थानी युवा लेखक संघ द्वारा हर वर्ष की भांति ‘अंतर्राष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस’ के अवसर पर करोड़ों लोगों की जनभावना, अस्मिता एवं वाजिब हक के लिए निरन्तर प्रदेश की दूसरी राजभाषा, संवैधानिक मान्यता एवं प्राथमिक स्तर पर शिक्षा का माध्यम राजस्थानी हो के लिए अहिंसात्मक आंदोलन एवं आयोजन किये जाते रहे हैं। राजस्थानी भाषा मान्यता अहिंसात्मक आंदोलन के प्रर्वतक एवं वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय भाषा मान्यता को समर्पित समारोह का आयोजन किया जाएगा।
रंगा ने आगे बताया कि आगामी 21 फरवरी, 2025 शुक्रवार को राजस्थानी भाषा प्रदेश की दूसरी राजभाषा बने उसके लिए एक रैली का आयोजन किया जाएगा। समारोह के दूसरे दिन 22 फरवरी शनिवार को राजस्थानी को संवैधानिक मान्यता मिले एवं शिक्षा का माध्यम प्राथमिक स्तर से राजस्थानी में हो के लिए संकल्प दिवस मनाया जाएगा। समारोह के तीसरे दिन 23 फरवरी रविवार को हिन्दी, उर्दू एवं राजस्थानी की पहली बार विशेष काव्य गोष्ठी के आयोजन में विशेष आमंत्रित कवि-कवियत्री एवं शायर अपनी मातृभाषा पर केन्द्रित रचना का वाचन करेंगे।
कार्यक्रम के संयोजक वरिष्ठ शिक्षाविद् राजेश रंगा ने बताया कि राजस्थानी मातृभाषा मान्यता को समर्पित तीन दिवसीय समारोह के कार्यक्रम लक्ष्मीनारायण रंगा, सृजन, सदन, नत्थूसर गेट बाहर से संचालित एवं आयोजित होंगे। जिसके लिए नगर के शिक्षाविद् युवा पीढ़ी के प्रतिनिधि एवं कवि शायर-गणमान्य नागरिक आदि को विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रभारी वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी हरिनारायण आचार्य एवं सह प्रभारी युवा शिक्षाविद् आशीष रंगा ने बताया कि प्रज्ञालय संस्थान एवं राजस्थानी युवा लेखक संघ वर्ष 1980 से निरन्तर राजस्थानी मातृभाषा के लिए समर्पित भाव से अहिंसात्मक आंदोलन के लिए सभी तरह के उपक्रम करते हुए आंगीवाण रही है। संस्थाओं द्वारा मान्यता आंदोलन को जन आंदोलन बनाने के लिए निरन्तर सकारात्मक प्रयास किए गए हैं।
