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Thursday, July 9, 2026, 11:29 am

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Lifestyle

600 श्रद्धालुओं का दल कुंभ में स्नान कर लौटा, गाजों-बाजों के साथ हुआ स्वागत, मंगल गीत गूंजे

पंकज जांगिड़. जोधपुर 

नैनीबाई पंवार बस यात्रा जो कि पिछले 37 वर्षों से श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा करवा रही हैं। 72 बसंत पार कर चुकी नैनीबाई पंवार के संचालन में प्रतिवर्ष साल में दो बार सैकड़ों श्रद्धांलुओं को गंगासागर, रामेश्वरम, द्वारका, बद्रीनाथ, कैदारनाथ आदि धार्मिक स्थलों की न्युनतम शुल्क के साथ यात्रा करवाई जा चुकी हैं। यात्रा व्यवस्थापक दिनेश पंवार ने बताया कि प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक कुंभ स्नान पर्व के तहत कुंभ शाही स्नान के प्रति श्रद्धांलुओं के उत्साह को देखते हुए रातानाडा श्री कृष्ण मंदिर से रवाना हुई दस बसों के माध्यम से लगभग छः सौ श्रद्धांलुओं का एक दल कुंभ स्नान कर जोधपुर लौटा तो रातानाडा श्री कृष्ण मंदिर परिसर में परिजनों और क्षेत्रवासियों ने श्रद्धालुओं का गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया और मंगल गीतों के साथ नृत्य किया।

श्रद्धालुओं ने बताया कि कुंभ स्नान का महत्व बहुत ज़्यादा है। कुंभ में गंगा स्नान करना अमृतपान के समान माना जाता है। मान्यता है कि कुंभ स्नान करने से धन-धान्य, पुत्र-पौत्र वृद्धि, मन की शांति, सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है, आत्म शुद्धि, आत्मज्ञान, और ईश्वर की कृपा मिलती है, जीवन में शुभता आती है, पापों से मुक्ति मिलती है, मोक्ष की प्राप्ति होती है. अमृपान की प्राप्ति होती है। सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, सूर्य, चंद्रमा व बृहस्पति की सकारात्मक विद्युत चुम्बकीय विकिरणों का लाभ मिलता है, सभी बुराइयों का इलाज होता है और बाघ मोक्ष मिलता है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor