अरुण माथुर. जोधपुर
जोधपुर शहर में ऐसा कई मंदिर है जो अपने आप में कई रहस्य समेटे हुए है। कोई मंदिर अपने अद्भूत निर्माण के लिए मशहूर है, तो कोई अपने अजीबो गरीब घटनाओं की वजह से। खासकर जोधपुर में तो ऐसे मंदिरों की भरमार है। शहर के कोने-कोने में कोई ना कोई मंदिर आपको ऐसा देखने को मिल जायेगा। श्री कैलाश कुटीर महादेव मंदिर ऐसे ही मंदिरों की कड़ी में जुड़ा एक नाम है। यह मंदिर कोई प्राचीन मंदिर नहीं है लेकिन यहां की कहानी भी अजीबो गरीब है।
प्रताप नगर संजय गांधी काॅलोनी में यह स्थित यह मंदिर एक ऊंची टेकरी पर बना हुआ है। करीब तीस साल पुराने इस मंदिर के मुख्य द्वार के ठीक सामने बने 11 फीट के ज्योर्तिलिंग व 11 फीट लंबाई के नंदी की प्रतिमा बनी है। जहां हर साल महाशिवरात्रि और सावन के पूरे महीने भक्तों की आस्था का सैलाब उमड़ा रहता है। मान्यता यह है कि 11 फीट लंबे नंदी के कान में भक्त सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि 365 दिन जोधपुर राज परिवार के सुख समृद्धि और युवराज के स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं।
फरवरी 2005 में एक काला दिन ऐसा आया था जिसमें जोधपुर के शाही परिवार को झकझोर कर रख दिया था। पूर्व नरेश गजसिंह के बेटे शिवराजसिंह जो एक शौकिन पोलो खिलाड़ी थे पोलो मैच के दौरान अपने घोड़े से गिर गए और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। जिसके कारण वे कई महीनों तक कोमा में रहे और कई सालों तक व्हील चेयर पर रहे। यह उनके और उनके परिवार के लिए बहुत मुश्किल समय था। ऐसे समय में शहर भर के लोगों ने युवराज के स्वास्थ्य लाभ के लिए मठ मंदिर, गुरूद्वारा, मस्जिद और चर्च में दुआएं की। तो प्रताप नगर संजय गांधी काॅलोनी स्थित श्री कैलाश कुटीर महादेव मंदिर में आने वाले भक्तों ने भी जोधपुर राज परिवार के सुख समृद्धि और युवराज के स्वास्थ्य लाभ के लिए दुआएं की।
भक्तों ने जेब खर्च से पैसा इकट्ठा किया और मंदिर के मुख्य द्वार के ठीक सामने बड़ी आकृति के ज्योर्तिलिंग और नंदी का निर्माण करवाया। भक्तों ने नंदी के कान में युवराज के स्वास्थ्य लाभ की दुआएं की जो आज भी निरंतर की जा रही है। यहां 365 दिन राज परिवार के सुख समृद्धि की कामना हो रही है। महाशिवरात्रि और सावन के पूरे महिने भक्तों के आस्था का सैलाब उमड़ा है।
मंदिर में आने वाले भक्त प्रेमराज राठौड़, सूरजमल पंवार, हुकमाराम भील, रूपराज चैहान, प्रेम चैहान और प्रदीप चौहान के मुताबिक वर्ष 1980 में डेढ़ फीट ऊंचे चबूतरें पर ग्यारह फीट ऊंचे ज्योर्तिलिंग व ग्यारह फीट लंबे नंदी का निर्माण जनसहयोग से किया गया था। तब से आज तक नंदी के कान में यहां आने वाले भक्त रोजाना जोधपुर राज परिवार के सुख समृद्धि और युवराज शिवराज सिंह के स्वास्थ्य लाभ की कामना करते आ रहे हैं। वे बताते है कि भक्तों की दुआओं के चलते शिवराज की अदम्य भावना और उनके परिवार की देखभाल और समर्थन ने इस अंधकार में स्थिति को आशा की किरण में बदल दिया। इन सब में शिवराज को एक विशेष लाभ मिला। उनका परिवार उन्हें समय पर मस्तिष्क आघात देखभाल, उत्कृष्ट पुनर्वास सुविधाएं और समर्पित और सक्षम चिकित्सकों की विशेषज्ञता प्रदान करने में सक्षम था। इस सावधानी पूर्वक संमन्वित रोग निदान पेशेवेर देखभाल और पुनर्वास ने उन्हें उल्लेखनीय सुधार की और उनकी लंबी और कठिन यात्रा में मदद की।
