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Friday, July 10, 2026, 2:50 am

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Lifestyle

चैत्री नवरात्रा : पहले ही दिन मेहरानगढ़ में उमड़े भक्त, हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए

पूर्व नरेश गजसिंह व महारानी हेमलता राजे ने चामुंडा माता की पूजा अर्चना की

शिव वर्मा. जोधपुर

चैत्र नवरात्रा प्रारंभ होने के पहले दिन आज मेहरानगढ़ के चामुंडा माता मंदिर में हजारों श्रद्धालुओ ने दर्शन किए । मंदिर के द्वार प्रातः 7 बजे खोले गए व सायं 5 बजे तक दर्शनों की व्यवस्था रही। यही व्यवस्था नवरात्रा तक रहेगी । प्रातः 11.15 बजे पूर्व नरेश. गजसिंह व महारानी श्रीमती हेमलता राज्ये ने मेहरानगढ़ के चामुंडा माता मंदिर में पूजा अर्चना की और मारवाड़ की खुशहाली की प्रार्थना की । घनश्याम त्रिवेदी ने ब्रह्म मुहूर्त में माँ चामुण्डाए माँ कालकाजी, माँ सरस्वती एवं बच्छराज जी की मूर्तियों को पवित्र जल से स्नान कराया ब लाल रंग की कोर तुर्रियाँ लगी पोषाक धारण करवायी। प्रातः काल मंदिर के शिखर पर मुख्य ध्वजा चढ़ाई गई और चारों दिशाओं में छोटी ध्वजाएं चढ़ाई गई। श्री चामुण्डा मंदिर के पास पासनालय कक्ष में नौ वेदपाठी ब्राह्मण बैठे जो स्थापना से अष्टमी तक दुर्गापाठ का वाचन करेंगे। अष्टमी 5 अप्रैल की रात हवन प्रारंभ किया जायेगा। जिसकी पूर्ण आहुति नवमी 6 अप्रेल को प्रातः 11ः15 बजे से 12:15 बजे के मध्य पूर्व नरेश गजसिंह एवं महारानी श्रीमती हेमलता राज्ये द्वारा की जायेगी। नवमी 6 अप्रेल को तिलक आरती 12:15 से 12ः25 बजे के मध्य होगी और तत्पश्चात् थापना जी के उत्थापना का मुहूर्त दोपहर 12ः25 से 12:35 बजे तक है।

मेहरानगढ़ दुर्ग के जयपोल के बाहर से ही एक पंक्ति में लाईनों में प्रवेश मिला जो मंदिर तक इसी तरह रहा। पट्ठे पर महिलाओं बच्चों एवं वृद्धजनों के लिये आने.जाने की व्यवस्था की गई व वहीं से जाने व आने की व्यवस्था रही। पुरुषों के लिए सलीम कोट से होकर  बसन्त सागर से आने.जाने की व्यवस्था की गई । जगह जगह स्थानों पर बेरिकेड्स लगाये गये।

प्रसाद चढ़ाने की व्यवस्था

प्रसाद चढ़ाने के लिए बसन्त सागर पर महामृत्युंजय मूर्ति वाले मार्ग पर पुरुषों के लिए एवं पट्ठे पर महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था की गई । वहा पर अतिरिक्त ब्राह्मणों की व्यवस्था प्रसाद चढ़वाने के लिए की गई हैए जिससे मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों ने आराम से दर्षन किए।

नारियल बड़ा करने की यह रही व्यवस्था

नारियल बड़ा करने की महिलाओं के लिए पट्ठे पर ही व्यवस्था की गई है और पुरुषों के लिये बसन्त सागर के पास व्यवस्था की गई है। प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी मंदिर परिसर में परिक्रमा वर्जित रही जिससे वे केवल दर्शन कर वापस लौट सकें।

शराब पीकर आना व साथ लाने पर सख्त रोक

नवरात्रि के दौरान दर्शनार्थियों के शराब को साथ लाना व शराब पीकर प्रवेश को निषेध रखा गया है। जगह जगह सीण्सीण्टीण् कैमरों की व्यवस्था जयपोल से चामुण्डा माताजी मंदिर परिसर तक अलग.अलग स्थानों पर सीण्सीण् कैमरे लगाये गये है जो विभिन्न स्थानों पर दर्षनार्थियों की सुविधा और व्यवस्थाओं पर कड़ी नजर रख रहे है।। इसके साथ ही कण्ट्रोल रूम की भी स्थापना की गयी है।

पीने के पानी, बिजली की सुविधा

पानी के प्याऊ की व्यवस्था स्थान.स्थान पर की गई है। बिजली की व्यवस्था सभी स्थानों पर सुनिष्चित कर दी गई है तथा जनरेटर की भी व्यवस्था रहेगी जो पूरे 24 घण्टे रहेगा और बिजलीकर्मियों की नियुक्ति भी कर दी गई है। ट्रस्ट के सुरक्षाकर्मी भी स्थान.स्थान पर अपनी ड्युटी दें तथा प्रशासन व पुलिस के कर्मचारियों का पूरा सहयोग कर रहे है।

एम्बुलेंस व फायर बिग्रेड की व्यवस्था

प्रशासन की ओर से एम्बुलेंस और फायर बिग्रेड की व्यवस्था भी की गई है जो जयपोल के बाहर तैनात है। ट्रस्ट की ओर से भी एम्बुलेंस की व्यवस्था है तथा एक एम्बुलेंस ऊपर पट्ठे के पास भी तैनात रहेगी। प चिकित्सा सेवाओं में ट्रस्ट की तरफ से डॉक्टर एवं कम्पाउडर की नियुक्ति कर दी गई है जो नवरात्रा के दौरान सभी आवश्यक उपकरणों एवं मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्थाओं के साथ उपस्थित है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor