20 साल से संघर्ष कर रहा है फोरम, वन मंत्री एवं जलशक्ति मंत्री को लिखने के बाद भी नहीं लिया जा रहा एक्शन
राइजिंग भास्कर डॉट कॉम. जोधपुर
ऑल इंडिया आईसीएफआरई टेक्निकल सर्विस फोरम ने 70 वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों के पद भरने की मांग की है। फोरम द्वारा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय एवं वित्त मंत्रालय, भारत सरकार में विगत 20 वर्षों से भी अधिक समय तक निरंतर प्रयास करने के पश्चात प्रकाश जावड़ेकर तत्कालीन पर्यावरण एवं वन मंत्री और गजेन्द्र सिंह शेखावत जल शक्ति मंत्री के हस्तक्षेप से भा.वा.अ.शि प. देहरादून में तकनीकी सेवाएँ (Technical Services, ICFRE) दिनांक 01.03.2017 से भौतिक रूप से तथा 18.12.2013 से नोशनल रूप से लागू की गयी थी।
उपरोक्त तकनीकी सेवाओं में पदों की वरिष्ठता के आधार पर बनाई गयी तीन श्रेणियों (Cat.I, Cat.II & Cat.III) में प्रत्येक में सबसे निचले पद पर सीधी भर्ती हेतु अलग-अलग पद, Cat.I में तकनीशियन, पे लेवल-2 एवं 3 के 394 पद, Cat.II में तकनीकी सहायक, पे लेवल-5 के 218 पद तथा Cat.III में वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी, पे लेवल- 10 के 70 पद DoE, वित्त मन्त्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016 में स्वीकृत कराये गए थे। फोरम द्वारा निरंतर अनुरोध किये जाने के पश्चात भी परिषद् द्वारा Cat.III की एक मात्र सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाने वाले 70 वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियोँ के पदों को भरे जाने में कोई रूचि नहीं ली गयी। परिणाम स्वरुप तकनीकी सेवाओं की निचली श्रेणियों में कार्यरत योग्य कार्मिको को इस पद हेतु सीधी भर्ती के लिए आवेदन करने के अवसर प्राप्त नहीं हुए और देश के अनेक बेरोजगार मेधावी एवं योग्य युवाओं को भी वर्ग “अ” के इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति पाने से वंचित रहना पड़ा।
फोरम को प्रथम बार जनवरी, 2023 में यह ज्ञात होने पर कि भा.वा.अ.शि.प., देहरादून द्वारा तकनीकी सेवाओं के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी (STO) के सभी 70 पदों को गत 05 वर्षों से अधिक समय से नहीं भरे जाने के कारण समाप्त किया जा रहा है, इस फोरम ने अपनी घोर आपत्ति दर्ज करते हुए महानिदेशक, भा. वा. अ. शि.प., देहरादून को दिनांक 24.01.2023 को पत्र लिखकर परिषद् द्वारा उक्त पदों की भर्ती में बरती गई शिथिलता का उल्लेख करते हुए और इन पदों के अभाव में भविष्य में तकनीकी सेवाओं को होने वाले नुकसान एवं युवा पीढ़ी के साथ किये जा रहे खिलवाड़ की तरफ ध्यान आकर्षित करते हुए समस्त 70 पदों को पुनर्जीवित (Revival) कराने के लिए अनुरोध किया । फोरम ने यह भी अनुरोध किया कि उक्त पदों की भर्ती करने में शिथिलता बरतने वाले संबंधितों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। परन्तु परिषद् द्वारा दोषिओं के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की गयी।
फोरम को जून, 2023 में ज्ञात हुआ कि वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी (STO) के सभी 70 पदों को छोड़कर परिषद के 142 पदों में से अन्य सेवाओं के 52 पदों को पुनर्जीवित कर दिया गया है परन्तु वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी (STO) के सभी 70 पदों को वित्त मंत्रालय, भारत सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में शामिल ही नहीं किया गया है। अतः फोरम ने दिनांक 26.06.2023 को पुनः स्मरण पत्र के माध्यम से इन पदों को पुर्नजीवित करने हेतु महानिदेशक, भा.वा.अ.शि.प., देहरादून का ध्यानाकर्षण किया।
उक्त प्रकरण में संज्ञान लेते हुए श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, जल शक्ति मंत्री ने परिषद की तकनीकी सेवाओं के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी के पदों की अनिवार्यता को गंभीरता से लेते हुए भूपेन्द्र यादव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार को दिनांक 04.07.2023 को पत्र प्रेषित करके भा.वा.अ.शि.प, देहरादून की तकनीकी सेवाओं के इन महत्वपूर्ण 70 पदों की महत्ती आवश्यकताओं एवं देश के युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी के पदों को पुनर्जीवित (Revival) करने के लिए अनुरोध किया । जल शक्ति मंत्री ने पुनः दिनांक 11.08.2023 को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार का उक्त संबंध में ध्यानाकर्षण किया।
सितंबर, 2023 में ही इस फोरम को सूचित कर अवगत कराया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को 74 पदों जिनमें 70 वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी (STO) के पद भी शामिल हैं, के पुर्नजीवित करने के संबंध में मंत्रालय द्वारा मांगी जा रही सूचनाएं उपलब्ध करायी जा रही है। परन्तु मात्र 07 दिन पश्चात ही भा.वा.अ.शि.प., देहरादून ने मंत्रालय को पत्र प्रेषित कर 70 वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी के पदों को मिशन मोड के अन्तर्गत नही भरे जाने के लिए सूचित किया। परिषद् के इस दोहरे व्यवहार से यह फोरम अत्यन्त स्तब्ध एवं आश्चर्यचकित है।
तकनीकी सेवाओं के अत्यन्त महत्वपूर्ण वर्ग “अ” अधिकारी के 70 वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी (STO) के पदों को भी पुर्नजीवित किया जाना आवश्यक है जिससे कि परिषद की तकनीकी सेवाओं की अन्य निचली श्रेणियों में कार्यरत कर्मचारियों को सीधी भर्ती के माध्यम से उच्च पदों पर आने का मौका मिले तथा देश के अनेक बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का अवसर दिया जा सके। तकनीकी सेवाओं के इन पदों को पुर्नजीवित करने से केटेगरी-III के सीधी भर्ती के एक मात्र सभी 70 पदों को बचाया जा सकेगा और तकनीकी सेवाओं के पदों की संरचना को संतुलित रखा जा सकेगा।
उक्त प्रकरण मे संतोषजनक प्रगति नही होने पर फोरम ने उच्च स्तर पर कार्यवाही करने का निर्णय लिया है।
