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Thursday, July 9, 2026, 5:57 am

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जाते साल महान बुद्धिजीवी देव अरस्तु पंचारिया के इस इंटरव्यू में हुई शिक्षा को लेकर 2023 की सबसे महत्वपूर्व चर्चा 

वर्ष 2023 अपने अंतिम पड़ाव पर है, पूरे साल देश की विभिन्न व्यवस्थाओं में कई उतार चढ़ाव रहे, सरकार की कई महत्वपूर्ण नीतियां सामने आयीं, जिनमें नयी शिक्षा नीति (एन ई पी) का लागू होना देश की शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम रहा । इसी बीच साल के अंत में, अगले अल्बर्ट आइंस्टाइन कहे जाने वाले जाने-माने वैज्ञानिक व तर्कशील देव अरस्तु पंचारिया का एक इंटरव्यू ई टीवी भारत के वरिष्ठ पत्रकार अरविन्द व्यास के माध्यम से महान गणितज्ञ रामानुजन के जन्मदिन (राष्ट्रिय गणित दिवस) के अवसर पर आता है जो शिक्षा के क्षेत्र में कुछ अति महत्वपूर्ण विषयों पर रौशनी डालता है, जिसे नयी शिक्षा नीति में भी शामिल करने में कहीं न कहीं सरकार की बड़ी चूक रही । देव अरस्तु कहते हैं कि शिक्षकों या प्रोफेसरों का एक बार पुनः प्रशिक्षण बहुत ज़रूरी हैं जिससे उन्हें एक छात्र की महत्वकांक्षा की समझ मिले और उनमें जिज्ञासा का नया उत्साह भरने की ट्रेनिंग दी जाने की व्यवस्था होनी चाहिए । इस तरह की योजना निसंदेह ही विशेष तौर पर गणित और भौतिकी जैसे जटिल विषयों में युवा छात्रों की योग्यता को बढ़ाने में बहुत लाभकारी सिद्ध होंगे । इसके आलावा भी देव अरस्तु ने शिक्षा को लेकर कई ऐसी बातें कही जिन्होंने लोगों को सोचने पर मजबूर किया और इसकी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यमों से स्पष्ट देखने को मिली । इसके साथ ही देव अरस्तु ने शिक्षा निति द्वारा की गयी नयी पहलों का समर्थन भी किया । इसी बीच एम जी एस यु के पूर्व शोध निदेशक और भौतिक विज्ञान के पूर्व प्रोफेसर डॉ. रविंद्र मंगल ने भी देव अरस्तु द्वारा रखे गए सभी बिंदुओं का पूर्ण समर्थन किया व भविष्य में डॉ. मंगल ने भौतिकी व गणित के रिसर्च ओर शिक्षा के क्षेत्रों में अरस्तु से बड़ी संभावनाओं और योजनाओं का भी जिक्र किया, अब देखना होगा की आने वाले वर्ष में किस तरह की नयी सम्भवनाएँ वे ला पाते हैं । बता दें डॉ. रविंद्र मंगल आज भी अपने शैक्षणिक योगदान और कंडेंस्ड मैटर व फिजिक्स के अन्य सिद्धांत पर रिसर्च को लेकर काफी सक्रीय है । हालाँकि देव अरस्तु अपनी तर्कशीलता को लेकर काफी प्रसिद्ध हैं, गौरतलब है कि राजनैतिक परिदृश्य के करीब होने के बावजूद पहली बार उन्होंने सरकार की किसी भी नीति पर सार्वजानिक रूप से चर्चा की जो पूरे वर्ष में शिक्षा को लेकर सबसे असरदार चर्चा भी रही ।

(Image, Source Courtsey – ETV Bharat/Rajasthan Desk)

 

 

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor