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ओबीसी की जाति आधारित जनगणना नहीं कराने के विरोध में आवाज उठाई गई

भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा

कैलाश बिस्सा. जैसलमेर

स्वर्णनगरी जैसलमेर में भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के तत्वावधान में चल रहे चार चरणों के राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन के प्रथम चरण के अंतर्गत शुक्रवार को जिला कलेक्टर जैसलमेर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में प्रमुख रूप से ओबीसी की जाति आधारित जनगणना नहीं कराने के विरोध में आवाज उठाई गई। साथ ही यूजीसी के समर्थन में तथा शिक्षकों को टीईटी की पात्रता से मुक्त करने की मांग भी रखी गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि इन मांगों का संबंध सीधे तौर पर सामाजिक न्याय, शिक्षा व्यवस्था और पिछड़े वर्गों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है।

भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति से निवेदन किया कि ज्ञापन में प्रस्तुत मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को न्याय मिल सके। संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा संवैधानिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे इस राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध जन आंदोलन को ओर अधिक व्यापक एवं तेज किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपते समय भारत मुक्ति मोर्चा राजस्थान के प्रदेश प्रभारी मा. शिवदानाराम राठौड़, भारत मुक्ति मोर्चा जैसलमेर के जिला अध्यक्ष बजरंगाराम परिहार, भारतीय विद्यार्थी मोर्चा जैसलमेर के जिला संयोजक केशराराम बारुपाल, रमेशचंद्र गाड़ी, रामचंद्र लीलड, दिनेश कुमार बिगड़ा, वकील छगनलाल लीलावत सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor