दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
जोधपुर में आज इस्कॉन मंदिर (श्री श्री राधा गोविन्द जी मंदिर) में अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ “बोट फेस्टिवल (नौका विहार उत्सव) 2026” मनाया गया। इस अवसर पर श्रीश्री राधा गोविंद जी को सुंदर कृत्रिम सरोवर में सुसज्जित नौका पर विराजमान कराकर भक्तों द्वारा नौका विहार कराया गया। सैकड़ों भक्तों ने नृत्य और हरिनाम संकीर्तन के साथ इस दिव्य लीला का आनंद लिया।
मंदिर प्रांगण में निर्मित सरोवर की आकर्षक सज्जा से वृन्दावन धाम की झलक अनुभव हुई। जैसे ही श्रीश्री राधा गोविंद जी नौका पर विराजमान हुए, “हरे कृष्ण” महामंत्र के कीर्तन से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा और भक्त भाव-विभोर हो गए।
नौका विहार लीला का आध्यात्मिक महत्व
यह उत्सव वृन्दावन की प्राचीन जल-विहार लीलाओं के स्मरणार्थ ग्रीष्म ऋतु में भगवान को शीतलता अर्पित करने की गौड़ीय परंपरा का भाग है। यमुना तट पर श्रीमती राधारानी और सखियों के साथ भगवान श्री कृष्ण की जल-क्रीड़ाओं का वर्णन आचार्यों की कथाओं में मिलता है, जो भक्तों को उन मधुर लीलाओं का स्मरण कराता है।
महाप्रसाद वितरण
उत्सव के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के लिए भरपेट महाप्रसाद की व्यवस्था की गई, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। यह उत्सव वृन्दावन की मधुर लीलाओं का सजीव स्मरण बनकर सभी के हृदय में भक्ति और आनंद का संचार कर गया।







