जाजीवाल धोरा एवं जाजीवाल विश्नोइया क्षेत्र, जो शहर से लगभग 30–35 किलोमीटर दूर स्थित है, वहां पानी की भारी आवश्यकता महसूस की जा रही थी। यह क्षेत्र इतना दूरस्थ है कि आम व्यक्ति का वहां आना-जाना भी आसान नहीं है तथा पशु-पक्षियों को दूर-दूर तक पानी उपलब्ध नहीं हो पाता।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
भारत विकास परिषद जोधपुर मुख्य शाखा द्वारा वैशाख माह की मोहिनी एकादशी के पावन अवसर पर जीव दया एवं जनसेवा के अंतर्गत विभिन्न सेवा कार्य संपन्न किए गए। प्रांतीय प्रकल्प संयोजक डॉ. प्रभात माथुर ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए जाजीवाल धोरा एवं जाजीवाल विश्नोइया क्षेत्र, जो शहर से लगभग 30–35 किलोमीटर दूर स्थित है, वहां पानी की भारी आवश्यकता महसूस की जा रही थी। यह क्षेत्र इतना दूरस्थ है कि आम व्यक्ति का वहां आना-जाना भी आसान नहीं है तथा पशु-पक्षियों को दूर-दूर तक पानी उपलब्ध नहीं हो पाता।
ऐसे में भारत विकास परिषद की ओर से वहां कई पानी के टैंकर डलवाकर पशु-पक्षियों के लिए जल सेवा की व्यवस्था की गई। वैशाख की तपती गर्मी में मोर, चिड़िया, हिरण, रोजड़ा, गाय, नीलगाय सहित अनेक जीवों के लिए विभिन्न स्थानों पर खेलियों में पानी भरवाया गया। साथ ही उनके लिए सूखा चारा, दाना एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गईं, ताकि भीषण गर्मी में जीव-जंतुओं को राहत मिल सकें।
एक शाखा एक गांव प्रकल्प के प्रभारी दिनेश शर्मा ने बताया कि वैशाख माह में जल सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य माना जाता है और “जीव सेवा ही सच्ची सेवा है” की भावना के साथ यह सेवा कार्य संपन्न किया गया। यह जल सेवा कार्य आगे बावरला, पाबूपुरा एवं अन्य आसपास के क्षेत्रों में भी निरंतर करवाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पशु-पक्षियों एवं जरूरतमंद जीवों को भीषण गर्मी में राहत मिल सके।
शाखा अध्यक्ष सुरेशचंद्र भूतड़ा एवं सचिव राजेंद्र मंत्री ने कहा कि जनसेवा ही सच्ची सेवा है और समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को ऐसे पुनीत कार्यों में अपनी सहभागिता निभानी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस सेवा कार्य में दिनेश शर्मा, राजकुमार माथुर एवं डॉ. प्रभात माथुर का विशेष सहयोग रहा।इस अवसर पर इस पुनीत कार्य में जुड़े सभी सहयोगियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया गया।








