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Thursday, August 27, 2026, 1:32 am

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कृषि यंत्रीकरण देता है अतिरिक्त आय और उपज

कृषि विश्वविद्यालय में ट्रैक्टर के रख रखाव पर कार्यशाला का समापन

जोधपुर ग्रामीण।(गजेंद्र सिंह राजपुरोहित)

कृषि विश्वविद्यालय व केयर्न, वेदांता लिमिटेड की संयुक्त साझेदारी में चल रहे “ट्रेक्टर व डीजल पंप सेट की मरम्मत व रखरखाव ” से संबंधित सात दिवसीय सर्टिफिकेट कार्यक्रम का समापन रविवार को हुआ। सात दिवसीय सर्टिफिकेट कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में किसान व ग्रामीण मौजूद रहे।
समापन समारोह के मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अरुण कुमार ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। कुल सचिव अदिति पुरोहित ने किसानों को कार्यशाला के दौरान अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक जीवन में उपयोग के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मौके पर मौजूद किसान कौशल विकास केंद्र के प्रभारी डॉ प्रदीप पगारिया ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण उत्पादन, उत्पादकता और मुनाफा बढ़ाने में मदद करता है, क्योंकि इसकी बदौलत कृषि कार्यों में समयबद्धता का अनुपालन संभव हो पाता है, निवेश का सही मापन और उपयोग संभव हो पाता है। महंगे निवेश जैसे बीज, रसायन, उर्वरक, सिंचाई, जल आदि की क्षति में कमी आती है।
कृषि यंत्रीकरण से मूल्य संवर्धन और कृषि प्रसंस्करण उद्यमों की स्थापना में मदद मिलती है। जिससे खेती की उपज से अतिरिक्त आय और रोजग़ार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान प्रोद्योगिकी और कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर से डॉ दिगंबर सिंह एवं डॉ आशीष पंवार ने बुनियादी ट्रेक्टर सर्विसिंग, पेट्रोल/डीजल पंप सेट का रखरखाव, बीज ड्रिल प्लांटर का उपयोग, जुताई एवं फ़सल कटाई से संबंधित विभिन्न उपकरणों के रखरखाव की तकनीकी जानकारी उपलब्ध करवाई।
समापन के मौके पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विभिन्न तकनीकी विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षण अधिकारी मौजूद रहे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor