भीषण गर्मी में दिखेगा ‘कूल’ अंदाज: 31 मई को जोधपुर में सजेगी अनूठी ‘टिफिन गोठ’
काजरी : संतुलित उर्वरक उपयोग जागरूकता अभियान आयोजित
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असली खुशी धन-दौलत में नहीं, रिश्तों में छिपी है : स्नेह देसाई
भीषण गर्मी में दिखेगा ‘कूल’ अंदाज: 31 मई को जोधपुर में सजेगी अनूठी ‘टिफिन गोठ’
काजरी : संतुलित उर्वरक उपयोग जागरूकता अभियान आयोजित
राजस्थानी लेखिका संस्थान में होगा वरिष्ठ राजस्थानी लेखिकाओं का सम्मान
राखी पुरोहित. जोधपुर राजस्थानी लेखिका संस्थान का आयोजन शनिवार 28 जून प्रातः 10ः30 बजे नेहरू पार्क स्थित डाॅ. सावित्री-मदन डागा साहित्य भवन में होगा। संस्थान
कविता : पंकज बिंदास
मैं कीचड़ में रहता हूँ, इसलिए कमल हूँ मैं कीचड़ में रहता हूँ, इसलिए कमल हूँ, मुसीबतों से लड़ता हूँ, फिर भी सरल हूँ। दुनिया
हमारी सरकार युवाओं को प्रत्येक क्षेत्र में दे रही आगे बढ़ने का भरपूर अवसर : भजनलाल शर्मा
आईआईटी जोधपुर का 11वां दीक्षांत समारोह, सीएम शर्मा बोले- युवा कभी सीखना बंद ना करें, कभी सपने देखना बंद ना करें -मुख्यमंत्री ने आईआईटी जोधपुर
कविता : भूख
(कविता : नाचीज बीकानेरी) भूख भूख नहीं होती तो प्रगति भी नहीं होती पाषाण युग से लेकर अंतरिक्ष तक की यात्रा भी नहीं होती ।
खुश दिलान ए जोधपुर की मासिक काव्य गोष्ठी आयोजित
राखी पुरोहित. जोधपुर खुश दिलान ए जोधपुर की मासिक गोष्ठी डागा भवन में सम्पन्न हुई मंच पर किशन लाल गर्ग , एन डी निम्बावत एवं
यूपीएससी चयनित उत्कर्ष व तरुण यादव का किया सम्मान
उत्कर्ष ने 33 वी रेंक प्राप्त कर यादव समाज का गौरव बढ़ाया: जगदीश यादव राखी पुरोहित. जोधपुर यूपीएससी 2024 की सिविल सेवा परीक्षा में 33
“एक शाम माता रानी के नाम” भजन संध्या 27 जून को, व्यवस्थापक तैयारियों में जुटे
पंकज जांगिड़. जोधपुर गुप्त या आषाढ़ी नवरात्रि के उपलक्ष्य में आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया को देवी मां जगदम्बा की असीम कृपा और जगन्नाथ
कासिम बीकानेरी की चर्चित पुस्तक ‘दादाजी की साइकल’ की समीक्षा 22 को
प्रज्ञालय संस्थान द्वारा होगा आयोजन राखी पुरोहित. बीकानेर प्रज्ञालय संस्थान द्वारा अपने साहित्यिक नवाचारों की शृंखला के तहत ‘पुस्तकालोचन’ कार्यक्रम का आगाज़ इसी माह से
जोधपुर के साहित्य गौरव डॉ. हस्तीमल आर्य ‘हस्ती’ को राष्ट्रीय स्तर पर ‘शब्द साधक सम्मान 2025’ मिलेगा
राखी पुरोहित. जोधपुर चिकित्सा क्षेत्र में प्रतिष्ठित सेवा देने के बाद साहित्य की दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके डॉ. हस्तीमल आर्य ‘हस्ती’ को
कूड़े में डालने जैसी है भारत की शिक्षा नीति: क्या शिक्षक बनना ‘विश्व गुरु’ भारत में सबसे कठिन कार्य है?
ये आलेख पढ़ने के बाद देश के युवाओं को कोर्ट में याचिका लगानी चाहिए और आजादी के बाद की सभी सरकारों को आरोपी बनाना चाहिए

हिन्दू और मुसलमान मेरी दो आँखे हैं – स्वर्गीय महाराजा उम्मेद सिंह

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कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा, किसानों को मशीनरी खरीद पर सब्सिडी

