जोधपुर संभाग स्तरीय अमृता हाट का हुआ भव्य समापन
शिव वर्मा. जोधपुर
सात दिवसीय संभाग स्तरीय नवम अमृता हाट का रविवार को समापन हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि नवीन मीणा उपायुक्त नगर निगम जोधपुर दक्षिण, विशिष्ट अतिथि भागीरथ चौधरी बाल विकास परियोजना अधिकारी मंडोर एवं नीलम सिंह राजस्थानी गायिका के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में हाट आयोजन में श्रेष्ठ उत्पाद, विपणन वाले स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग करने वाले विभागों एवं कार्मिकों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक फरसाराम विश्नोई ने बताया कि अमृता हाट हुनरमंद महिलाओं को अपने उत्पाद की पहचान बनाने के लिए मंच उपलब्ध करवाता है, जिसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्री के प्रदर्शन एवं विपणन के लिए हाट में राज्य के विभिन्न जिलों से स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों की लगभग 80 से ज्यादा स्टाॅल्स लगाई गयी। मेले में भाग लेने वाली स्वयं सहायता समूह सदस्यों को विभाग की ओर से निःशुल्क स्टाॅल्स, आवासीय व्यवस्था, भोजन एवं यात्रा भत्ता उपलब्ध करवाया गया। अमृता हाट के अंतिम दिन महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री में लोगों द्वारा खरीदारी में उत्साह दिखाई दिया जिसके फलस्वरूप लगभग छः लाख रूपये एवं सात दिवस में कुल लगभग 30 लाख रूपये के हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री हुई।
प्रतिदिन एक व्यक्ति के न्यूनतम 500 रूपये तक के उत्पाद क्रय पर लक्की ड्राॅ
हाट में प्रतिदिन एक व्यक्ति द्वारा न्यूनतम 500 रूपये तक के उत्पाद क्रय करने पर लक्की ड्राॅ के तहत 26 अक्टूबर को खोले गये लक्की ड्राॅ में क्रमशः नरेश प्रथम, शिखा जैन द्वितीय एवं सजना तृतीय विजेता रहे। 27 अक्टूबर को ब्लाॅक तिंवरी, सेखाला एवं चामू की साथिनों की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनान्तर्गत आमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित कर हाट भ्रमण करवाया गया।अमृता हाट में विभागीय महिला स्वयं सहायता समूहों, उद्योग विभाग, राजीविका, एनयूएलएम द्वारा गठित महिला स्वयं सहायता समूहों एवं महिला आर्टिजन द्वारा निर्मित हैण्डीक्राफ्ट उत्पाद जैसे लाख की चूड़ियां, मोजड़ी, पेपरमेशी, आर्टिफिशियल फ्लोवर्स, टेराकोटा, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, ऊनी व सूती रेडिमेड गारमेंट, कशीदाकारीयुक्त, चिकन जरी, पेचवर्क, कांच जड़ाई, वुडन क्राफ्ट, मार्वल की कलात्मक वस्तुएं आदि के हस्त निर्मित उत्पाद, बंधेज, लहरियां, मोतड़ा, कोटाडोरियां की साड़िया, सलवार शूट, रोहट, सालावास की दरियां व चद्दरे, बाड़मेर की अजरख प्रिन्ट चद्दरें, गुजराती सामान, देवी-देवताओं की पोशाकें, कश्मीरी वूलन गारमेंट, ड्राई फ्रूट्स, सोजत की मेहन्दी, खाद्य उत्पादों में अंथाना की मिर्ची का अचार, मुरब्बा, मसालें, पापड़ मंगोड़ी, सूखी सब्जीयां आदि की स्टाॅले लगाई गई। समापन समारोह में जेण्डर स्पेशलिस्ट कानाराम सारण ने जोधपुर के समस्त प्रबुद्ध नागरिकों का हाट आयोजन की अवधि के दौरान मेले में आकर खरीदारी करने के लिए आभार प्रकट किया। स्वयं सहायता समूह की महिला लक्ष्मी एवं प्रेमवती ने अपने मेले के अनुभव साझा किये।
