राइजिंग भास्कर का विशेष प्रयोग :
दिया- उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी
बोलीं-
जोधपुर भजन करे (यानी झुनझुना बजाए जोधपुर को कुछ नहीं मिला, वो भी सीएम भजनलाल के होते हुए)
अब पढिए राइजिंग भास्कर के ग्रुप एडिटर डीके पुरोहित का विश्लेषण और शिव वर्मा की बजट रिपोर्ट
जयपुर। नाम बड़े और दर्शन छोटे…दिया ने दिया मगर जोधपुर को दिया अंधकार…भजनलाल ने तो नाम के अनुरूप जोधपुर को भजन करने के लिए छोड़ दिया और शहर विधायक अतुल की तुलना ही क्या करें नाकारा निकले कुछ जोधपुर की झोली में ला नहीं सके, सूरसागर विधायक देवेंद्र का मान मर्दन वैसे हुआ जैसे श्रीकृष्ण ने देवेंद्र (इंद्र) का किया था। कुल मिलाकर भाजपा एंड कंपनी का ड्रामा फ्लॉप रहा। साबित हो गया कि भाजपा शोर ही करती है। जोधपुर के लिहाज से जितना जल्दी भाजपा का मुखौटा खुल गया अच्छा ही हुआ। अब यह भी साबित हो गया कि सबकुछ ईर्ष्यावश किया जा रहा है। अशोकजी थाकी ओळू आई…यह भी जोधपुर के लोगों को अब अच्छी तरह से लगने लगा है कि विधानसभा में अब जोधपुर का नामलेवा कोई नहीं रहा। अशोकजी विधायक जरूर है और पूर्व उनके हाथ में विरोध करने के शिवाय कुछ नहीं है। वैसे भी अब उनकी उम्र हो गई है। बीमारियों ने घेर रखा है। न ऊर्जा है और न ही पहले जैसा दमखम…कुछ उनकी गलतियां रहीं नहीं तो अभी राज कर रहे होते। जोधपुर की जनता को पहली बार लगा कि उनके साथ धोखा हुआ है। महामानव बन चुके भाजपा के भीष्मपितामह नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से गद्दी संभालने वाले भजनलाल शर्मा ने न जाने किस जन्म का जोधपुर से बैर निकाला। हालांकि राजनीति में ऐसा होता रहता है। वसुंधरा राजे जब भाजपा की मुख्यमंत्री थी तब भी जोधपुर की अनदेखी होती रही है। अब भजनू भा की सरकार है तो जोधपुर को भजन करने के लिए छोड़ दिया है। यह भी साबित हो गया है कि भजनलाल सरकार जो भी कदम उठा रही है केवल और केवल विरोध और कांग्रेस के अशोक गहलोत की राजनीतिक कद को घटाने के उद्देश्य से उठा रही है। चाहे जिलों की संख्या घटाना हो चाहे योजनाओं के नाम बदलना हो चाहे कानूनी शिकंजा कसना हो। ऐसा राजनीति में पहली बार नहीं हो रहा। मोदी बाबा ने राहुल बाबा की बैंड तो पहले ही बजा रखी थी। केजरीवाल को धूल चटाकर ही माने। यह देश की राजनीति किस दिशा में जा रही है उसका हस्र क्या होगा? इसका अंदाजा ही लगाया जा सकता है।
प्रख्यात पत्रकार सुधीर चौधरी की रिपोर्ट पर ध्यान देने की जरूरत...
प्रख्यात पत्रकार सुधीर चौधरी की रिपोर्ट पर ध्यान देने की जरूरत है। हाल ही में उनकी एक रिपोर्ट थी कि इस देश में 145 करोड़ देशवासियों में केवल 10 लाख लोग इस देश को चला रहे हैं। ये देश का वीआईपी वर्ग है। इसमें प्रधानमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, पूंजीपति, वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, ब्यूरोक्रेट, आईपीएस-आईएएस, न्यायाधीश, वकील, पेशेवर लोग और कई और वर्ग है। इन सबकी संख्या कोई 10 लाख है और शेष की संख्या 145 करोड़ है जो आम पब्लिक है। हम जब सुधीर चौधरी की रिपोर्ट पर अपनी बात कह रहे हैं तो प्रख्यात पत्रकार नवनीत गुर्जर के आलेख की भी चर्चा कर लें। उन्होंने हाल ही में अपने एक आलेख में लिखा कि आस्था होगी तो भीड़ तो उमड़ेगी। दो रिपोर्ट हमारे सामने हैं। सुधीर चौधरी साफ-साफ कहते हैं कि इस देश में दो कल्चर है एक आम पब्लिक और एक वीआईपी। क्यों महाकुंभ जैसे स्थान पर वीआईपी पथ और सड़कें बनाई जाती है। इस देश में आम पब्लिक जो 145 करोड़ है उसके लिए वीआईपी सड़कें क्यों नहीं बनाई जाती? क्यों उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया जाता है? …हमारा यह विषय नहीं है बस इशारा कर रहे हैं। सुधीर चौधरी की रिपोर्ट में इस देश की आम जनता का दर्द है और नवनीत गुर्जर इस देश की वीआईपी कल्चरल पर पर्दा ढंकने की बात करते हैं। यानी बड़ी सरलता से आस्था का सैलाब और झुंड का नाम देकर सरकार की नाकामियों पर पर्दा ढंक देते हैं। आपके पास बड़ी मीडिया का झंडा है। बात लिखने के कई तरीके हैं। मगर कई बार शब्दों की बाजीगरी से हम इस देश के पाठकों को केवल और केवल भ्रम और आडम्बर परोसते हैं क्योंकि हम शब्दों के बाजीगर हैं। माफ करना सरस्वती पुत्रों, शब्दों से खेलना बंद करें। इस देश की जनता भलेही ना जानें मगर इस देश का बुद्धिजीवी वर्ग जो बोलता नहीं क्योंकि वो अक्सर चुप ही रहता है। मगर उसका मन जानता है कि कौन क्या लिख रहा है। जब यह रिपोर्ट हम लिख रहे हैं तो हमारा क्या हस्र होगा उसकी भी हमें चिंता नहीं है। अब आते हैं हम अपने मूल मुद्दे पर…जो बजट से जुड़ा है। बजट जो राजस्थान सरकार ने विधानसभा में पेश किया।
बजट में जोधपुर की झोली खाली, गांवों-कस्बों को ‘दिया’ ने दिया
इस बजट में जोधपुर के इन्फ्रा स्ट्रक्चर के लिहाज से कोई खास नहीं है। सड़क-ड्रेनेज-सीवरेज और विकास की अनदेखी की गई। अब आने वाले मानसून के मौसम में अगर बारिश का दौर लंबा चला और बारिश जमकर हुई तो इसका दंश शहर भोगेगा। बजट में किसी प्रकार की राशि नहीं दी गई। राइजिंग भास्कर ने गत मानसून में जब एक युवक की नाले में बहकर मौत हो गई थी तो विस्तार से रिपोर्ट पब्लिश की थी और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम खुला पत्र लिखा था मगर उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। न चीफ जस्टिस ने एक्शन लिया और न ही सरकारों ने। इस खामोशी को एक दिन तोड़ना ही होगा। हम लिखते रहेंगे। आखिर लोकतंत्र ने हमें हक दिया है। ये बेशर्म सिस्टम अनसुनी करता रहे। जनता जागेगी तो कोर्ट और कुर्सियां हिल जाएगी। जनता रोज रोज भलेही ना बोले मगर एक दिन उसकी खामोशी टूटकर रहती है। इस खामोशी को तोड़ने में कोई कलम तो काम करेगी। माध्यम छोटा हो सकता है मगर प्रयास कभी छोटा नहीं होता। तो हम बात कर रहे थे कि आने वाले मानसून को देखते हुए बजट में कुछ भी प्रावधान नहीं किया गया। भाजपा विधायकों ने इस राज में सरकार की जैजैवंती गाने के शिवाय कुछ नहीं किया। मीडिया भी विधायकों की जी हुजूरी करने में लगा रहता है। विधायक चार लोगों की जनसुनवाई क्या कर लेते हैं बड़ी बड़ी खबरें इस तरह बनाई जाती है जैसे विधायकों ने इस शहर का दर्द शिव बनकर पी लिया हो।
अब बात करते हैं शहर की सड़कों की। खुद सीएम भजनलाल जोधपुर के दौरान शहर की सड़कों का हाल देख चुके हैं और उनके कहने के बाद कुछ सुधार भी हुआ। मगर बजट में अंगूठा दिखाकर उन्होंने किए धरे पर खुद ही पानी फैर दिया। चलो कथनी और करनी का भेद जल्दी पता चल गया।
इस बजट का उजला पक्ष…
इस बजट का उजला पक्ष यह है कि गांवों की ओर सरकार ने ध्यान दिया है। कस्बों की ओर ध्यान दिया है। तो सुनिए संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के शब्दों में-
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री (वित्त) श्रीमती दिया कुमारी ने राजस्थान के समग्र एवं सर्वस्पर्शी विकास को समर्पित वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया। बजट में सभी वर्गों उत्थान एवं कल्याण को ध्यान में रखकर विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं के बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
2030 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था बनेगी 350 बिलियन डॉलर की
प्रदेश सरकार वर्ष 2030 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक ले जाने के लिए कृत संकल्पित होकर कार्य कर रही हैं। प्रदेश में दीर्घकालीन सतत् विकास एवं पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने और हरित राजस्थान बनाने के लिए सभी विकास योजनाओं में ग्रीन ग्रोथ के सिद्धान्त का समावेश करने तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ ही प्रदेश को ‘हरित राजस्थान’ बनाने के लिए वर्ष 2025-26 में प्रथम ग्रीन बजट भी प्रस्तुत किया गया। प्रदेश के अवसंरचना विकास के लिए बजट में अनेक सौगातें दी गई। साथ ही विधानसभा क्षेत्र लूणी के समग्र विकास के लिए अनेक सौगातें मिली हैं। प्रदेश का सरकार का ऐतिहासिक बजट जन आकांक्षाओं के अनुरूप है, बजट घोषणाओं का शीघ्रातिशीघ्र धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
विकसित लूणी का स्वप्न हो रहा साकार
1. बोरानाड़ा से सालावास तक सड़क मार्ग 8 किमी.
2. बासनी सर से दुन्दाड़ा से जिला सीमा तक सड़क मार्ग 29.70 किमी
3. गुड़ा से भाण्डू कलां वाया मोगड़ा सालावास नन्दवान हिरखेड़ा तक सड़क मार्ग निर्माण 24.60 किमी (कुल 62.30 किमी सड़क मार्ग निर्माण कार्य लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत)
4. मणाई से एकलखोरी वाया मथानियाँ, माण्डयाई खुर्द (MDR-383) (67 किमी.) (लूणी), ओसियां-जोधपुर (लूणी विधानसभा क्षेत्र में 4 किमी) कुल लम्बाई 67 किमी 98 करोड़ रुपये की लागत ।
5. लूणी विधानसभा क्षेत्र में 15 करोड़ रूपए की लागत से नॉन पेचएबेल सड़कों के कार्य करवाए जाएंगे।
6. विधानसभा क्षेत्र लूणी में 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों में सीमेंट कंक्रीट के अटल प्रगति पथ के निर्माण की घोषणा जिसमें निम्नलिखित गांव सम्मिलित होने की सम्भावना है:– डोली, बोरानाडा, सालावास, नन्दवान, झंवर, फींच, दुन्दाड़ा, लूणी, झालामंड, गुड़ा विश्नोईयान, केरू व चौखा।
7. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) चतुर्थ चरण के अंतर्गत विधानसभा लूणी के 23 गांवों को चरणबद्ध रूप से आगामी 2 वर्षों में डामर सड़कों से जोड़ा जाना प्रस्तावित है।
8. केरू में नवीन राजकीय महाविद्यालय खोला जाएगा।
9. विवेक विहार (कुड़ी भगतासनी) में सहायक अभियंता (विद्युत) कार्यालय खोला जाएगा।
10. श्री श्रीयादे (भक्त गौरा होटल) चौराहा, झालामण्ड (जोधपुर) में नवीन पुलिस चौकी खोली जाएगी।
11. पेयजल परियोजना – जोधपुर शहर की पेरिफेरी में स्थित 36 गाँवों की पेयजल आपूर्ति के लिए डीपीआर राशि 2 करोड़ की घोषणा।
12. जोधुपर में विवेक विहार पाली रोड़ पर ट्रांसपोर्ट हब के निर्माण कार्य के लिए 50 करोड़ रूपये का व्यय किया जाएगा।
और पत्रकार वार्ता में सीएम बोले- जन-जन, कण-कण को समर्पित बजट
शिव वर्मा. जयपुर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और राज्य की जनता से संकल्प पत्र में किये गये वादों के अनुसार राज्य बजट 2025-26 प्रस्तुत किया गया है। राज्य सरकार ने एक वर्ष के कार्यकाल में संकल्प पत्र के 58 प्रतिशत से अधिक वादे पूरे कर दिये हैं। उन्होंने कहा कि सर्वजनहिताय बजट राजस्थान के जन-जन और प्रदेश के कण-कण को समर्पित है। यह बजट राज्य का समग्र एवं सतत विकास सुनिश्चित करेगा।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को विधानसभा में उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्रीमती दिया कुमारी द्वारा राज्य बजट वर्ष 2025-26 प्रस्तुत किये जाने के बाद पत्रकार वार्ता में बताया कि हमारी सरकार पंडित दीन दयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा डॉ. भीम राव अम्बेडकर की विचारधारा के अनुरूप कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गत जुलाई माह में प्रस्तुत परिवर्तित बजट की 96 प्रतिशत से अधिक घोषणाओं में हमने भूमि आवंटन कर दिया है तथा लगभग 85 प्रतिशत से ज्यादा घोषणाओं से संबंधित प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है। शर्मा ने कहा कि संभवतया ऐसा पहली बार है कि सात माह के अल्प समय में ही बजट घोषणाओं को इतने वृहद स्तर पर धरातल पर उतारा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि देश की चार जातियों युवा, महिला, मजदूर और किसान के उत्थान से ही देश का विकास संभव है और प्रदेश का यह बजट आठ करोड़ राजस्थानियों की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश को 350 बिलियन डॉलर इकोनॉमी में बदलने के लिए कटिबद्ध है।
राज्य का पहला ग्रीन बजट
शर्मा ने कहा कि राजस्थान भी अब ग्रीन बजट पेश करने वाले देश के चुनिंदा राज्य़ों में शामिल हो गया है। सस्टेनेबल ग्रीन प्रणाली को प्रोत्साहित करने, क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से निपटने, बायोडायवर्सिटी, वाटर हार्वेस्टिंग, ग्रीन एनर्जी, रिसाइक्लिंग आदि को प्रोत्साहित करने के लिए कुल राज्य बजट की 11.34 प्रतिशत राशि का प्रावधान ग्रीन बजट के लिए किया गया है।
20 लाख घरों में पेयजल कनेक्शन
उन्होंने बजट को जनहित में समर्पित और विकासोन्मुख बताते हुए कहा कि इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में ठोस प्रावधान किए गये हैं, जो राज्य के सम्पूर्ण विकास को सुनिश्चित करेंगे। आगामी वर्ष में 20 लाख घरों तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य लेकर राज्य सरकार कार्य करेगी। नगरीय क्षेत्रों में घर-घर नल से जल पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन शहरी शुरू किया जाएगा। इसमें 5 हजार 830 करोड़ रूपए की लागत से काम किया जाएगा।
किसान सम्मान निधि प्रतिवर्ष 9 हजार रूपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की आय बढ़ा कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस क्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्रदेश में दी जा रही 8 हजार रूपए की राशि को बढ़ा कर 9 हजार रूपए प्रति वर्ष करने की घोषणा की गई है। किसानों को गेहूं के एमएसपी पर दिए जा रहे 125 रूपए प्रति क्विंटल के बोनस के स्थान पर अब 150 रूपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले बजट में हमने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना शुरू की थी, अब इस बजट में इस योजना में बीमित पशुपालकों की संख्या को दोगुना किया जाएगा। गोशालाओं तथा नंदीशालाओं में प्रति पशु देय अनुदान बढ़ा कर 50 रूपए प्रति दिन किया जाएगा।
युवाओं के लिए राजस्थान रोजगार नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन के प्रावधानों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। युवाओं के विकास एवं कल्याण के लिए राजस्थान रोजगार नीति 2025 लाई जाएगी जिसके अंतर्गत 500 करोड़ रूपए खर्च कर विवेकानंद रोजगार सहायता केंद्र की स्थापना की जाएगी। चार लाख सरकारी नौकरियों के वादे को पूरा करने की दिशा में आगामी वर्ष में सवा लाख पदों पर सरकारी भर्तियां की जाएंगी। निजी क्षेत्र में भी आगामी वर्ष में डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा।
राज्य बजट से महिलाएं बनेंगी आर्थिक रूप से मजबूत
शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के माध्यम से आंगनबाड़ी पर आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों को आगामी वर्ष से सप्ताह में 5 दिवस दूध उपलब्ध करवाया जाएगा। अल्प आय वर्ग के बुजुर्ग व्यक्तियों, विधवाओं, एकल नारियों, दिव्यांग व्यक्तियों तथा लघु एवं सीमांत कृषकों की पेंशन को आगामी वर्ष से बढ़ाकर 1250 रूपये प्रतिमाह किया जाएगा। विमुक्त घुमंतु और अर्ध घुमंतु समुदायों के सशक्तिकरण एवं उत्थान के लिए दादूदयाल घुमंतु सशक्तिकरण योजना प्रारंभ की जाएगी। राजीविका मिशन के अंतर्गत अब प्रदेश की 20 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य लिया गया है।
पर्यटन क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आगामी वर्ष 975 करोड रूपये की इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के कार्य हाथ में लिए जाएंगे। साथ ही प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए हेरिटेज पर्यटन, नाइट टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित करने के लिए बजटीय प्रावधान भी किये गये है। प्रयागराज महाकुंभ में की गई घोषणा के क्रम में राज्य में तथा राज्य के बाहर स्थित देवस्थान विभाग के मंदिरों के पुनरूद्धार के कार्य करवाए जाएंगे।
जन-जन के स्वास्थ्य का रखा ख्याल
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने पर बजट में विशेष जोर दिया गया है। प्रदेश में जन जन के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के साथ ही आमजन की निशुल्क जांच एवं दवा हेतु 3 हजार 500 करोड़ रूपये का मा कोष गठित किया जाएगा। 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के विशेष केयर पैकेज, किशोरों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के पैकेज, ओरल कैंसर हेतु पैकेज तथा विशेष योग्यजनों हेतु पैकेज इस योजना में जोड़े जाएंगे। ट्रक, बस ड्राइवरों तथा दर्जी, बढ़ई, नाई आदि कारीगरों की आंखों की जांच कर निशुल्क चश्मे उपलब्ध करवाने के लिए मा नेत्र वाउचर योजना लागू की जाएगी।
नवगठित जिलों के प्रशासनिक तंत्र को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विधायक जनसुनवाई केंद्र स्थापित किए जाएंगे। नए बने 8 जिलों में समस्त विभागों के जिला स्तरीय कार्यालयों की स्थापना और यहां आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए 1000 करोड़ रूपये का प्रावधान इस बजट में किया गया है। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों के देश की सीमा पर दिए जा रहे योगदान को ध्यान में रखते हुए इन्हें अब प्रदेश में फायर सर्विसेज में भी आरक्षण दिया जाएगा।
सूर्य की रोशनी से रोशन होगा राजस्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक साल में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के लाभान्वित परिवारों को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़कर 150 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने का भी काम करेगी। इसके अलावा, 50 हजार कृषि कनेक्शन और 5 लाख घरेलू बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे।
मजबूत सड़क तंत्र से बनेगा विकसित राजस्थान
शर्मा ने कहा कि राजस्थान में स्टेट हाइवे, बाईपास, रेलवे ओवर ब्रिज एवं अण्डर ब्रिज आदि के निर्माण, विकास और सुधार के लिए 5 हजार करोड़ रूपयेे से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। राज्य में 2,750 किमी से अधिक लंबे 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे बनाए जाएंगे, जिनकी लागत लगभग 60 हजार करोड़ रूपयेे होगी। इसके अलावा, 21 हजार किलोमीटर नॉन पेचेबल सड़कों के कार्यो के लिए 6 हजार करोड़ रूपयेे का बजट रखा गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत और निर्माण के लिए 10-10 करोड़ रूपयेे दिए जाएंगे, जबकि मरूस्थलीय इलाकों में यह राशि 15-15 करोड़ रूपयेे होगी। प्रदेश के प्रमुख शहरों में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव से राहत दिलाने के लिए 15 शहरों में रिंग रोड़ के निर्माण का कार्य हाथ में लिया जाएगा।
पिछड़े ब्लॉक्स में विकास को गति देने के लिए गुरू गोलवलकर योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है और आदिवासी क्षेत्रों में पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत जनजातीय उपयोजना क्षेत्र तथा अनुसूचित जाति की बसावटों के निवासियों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टि से एससी एसटी एवं टीएसपी फंड्स की राशि को बढ़ा कर 1750 करोड़ रूपये किया जाएगा। गुरू गोलवलकर ब्लॉक्स डेवलपमेंट स्कीम लागू कर प्रदेश में सबसे पिछड़े 35 ब्लॉक में विकास को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आगामी 2 वर्षों में शेष रहे 2 हजार 500 से अधिक ग्राम पंचायतों पर ग्राम सहकारी समिति स्थापना के लिए मापदण्डों में शिथिलता देगी। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में सैनिटेशन तथा वेस्ट डिस्पोजल हेतु लगभग 12 हजार 50 करोड़ रूपये की लागत से पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना लागू की जाएगी। शर्मा ने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर आधारित है और राजस्थान को एक समृद्ध और समावेशी राज्य बनाने की ओर ले जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोरा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
20 लाख घरों को नए पानी के कनेक्शन से जोड़ा जाएगा : चौधरी
शिव वर्मा. जयपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का बजट 2025-26 अंत्योदय और सर्वसमावेशी विकास पर केंद्रित नए राजस्थान का नया बजट है। यह बजट न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करेंगा। यह बजट किसानों के लिए समृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए सशक्तिकरण एवं गरीबों के लिए कल्याण का वाहक बनेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में बिजली पानी सड़क शिक्षा, रोजगार एवं स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के साथ ही इस बजट में आमजन को राहत प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है।
जलदाय मंत्री ने प्रस्तुत बजट में हर घर जल का सपना साकार करने के लिए प्रदेश में आगामी वर्ष में 20 लाख घरों में पेयजल कनेक्शन दिये जाने एवं प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा के लिए 425 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न कार्य करवाये जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बजट में मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन (शहरी) प्रारम्भ करने की घोषणा से शहरी क्षेत्रों में पेयजल की समस्या का समयबद्ध तरीके से निराकरण होगा इसके लिए बजट में 5 हजार 830 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कार्य करवाये जाने का प्रावधान किया है।
जलदाय मंत्री ने बताया कि प्रदेशवासियों को आने वाली ग्रीष्म ऋतु में पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़े इस दृष्टि से बजट में आगामी वर्ष में 1 हजार ट्यूबवेल्स व 1 हजार 500 हैण्डपम्प लगाने की घोषणा की गई है, जिससे प्रदेशवासियों को पेयजल के क्षेत्र में राहत मिलेगी। समर कंटीजेंसी के अन्तर्गत माह जुलाई, 2025 तक अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने के लिए 142 करोड़ रुपये का प्रावधान भी इस बजट में प्रस्तावित किया है। उन्होंने प्रदेश के कोने-कोने तक पेयजल की योजनाओं का समुचित ढ़ंग से संचालन करने के लिए इस बजट में पॉलिसी बनाई जाने एवं तकनीकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का संविदा केडर के लिए 1 हजार 50 पद सृजित किये जाने की घोषणा का स्वागत किया है। जलदाय मंत्री ने बताया कि बजट घोषणा के दौरान सरकार ने युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने बताया कि बजट में इस साल 1 लाख 25 हजार पदों पर सरकारी भर्तियां की घोषणा की गई है। इससे राजस्थान के बेरोजगार युवाओं को राहत मिलेगी।
