हां रे होरी आई रे, फागण री मस्ती भाई छाई रे…गीतों पर मचा धमाल
पंकज जांगिड़. जोधपुर
खुशदिलान ए जोधपुर की काव्य गोष्ठी लाल सागर स्थित गुरुकृपा सदन में आयोजित हुई। इसमें कवियों ने फाल्गुनी रंग में काव्य धारा प्रवाहित की। होली की मस्ती, जीवन का राग, त्योहार का उमंग और लोक उल्लास में भीगी गोष्ठी में होली के गीत गूंजे। सभी सदस्यों पर फाल्गुनी रंग का उल्लास देखते ही बन रहा था। हां रे होरी आई रे…फागण री मस्ती भाई छाई रे… इन पंक्तियों पर सभी प्रतिभागी झूम उठे। सामूहिक रूप से काव्य कलाकारों और रचनाकारों ने अपनी अभिव्यक्ति को स्वर दिए। फागण री मस्ती छाई रे…इन पंक्तियों के साथ होली का एंजॉय किया गया।
काव्य गोष्ठी में सभी कवियों ने बारी-बारी से गीत, गजल और कविताएं पेश की। कार्यक्रम की मेजबानी वरिष्ठ साहित्यकार लीला कृपलानी ने की। अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष संदीप भांडावत ने की। मुख्य अतिथि किशनलाल गर्ग व विशिष्ट अतिथि श्याम गुप्ता ‘शान्त’ थे। सभी आगंतुकों का लीला कृपलानी द्वारा गुलाब पुष्प देकर स्वागत किया गया।
ये जिंदगी के मेले दुनिया में कम न होंगे, अफसोस हम न होंगे…
इस मौके पर खुशदिलान ऐ संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और श्री जागृति संस्थान के अध्यक्ष राजेश भैरवानी ने मेला फिल्म का गीत ये जिंदगी के मेले दुनिया में कम न होंगे, अफसोस हम न होंगे…। इस गीत के माध्यम से भैरवानी ने कहा कि जीवन में जो भी पल मिले हैं उसे हंस गाकर गुजार दें क्योंकि दुनिया के मेले में कब कौन बिछड़ जाए कह नहीं सकते। इसी तरह पंकज बिंदास ने किशोर दा का गाया गीत जिंदगी एक सफर है सुहाना, यहां कल क्या हो किसने जाना…सुनाकर दाद लूटी। इस गीत के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों ने स्वर दिए। इस गीत की मस्ती में सभी झूम उठे। संस्था के सचिव डॉ. वीडी दवे ने बताया कि अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन व सरस्वती पूजन के बाद लीला कृपलानी द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति से गोष्ठी का आगाज हुआ। गोष्ठी में शहर के नवोदित व वरिष्ठ कवियो ने शिरकत की। अशफाक अहमद फौजदार ने यारो मेरा दिल बेकरार है इस संग दिल से प्यार है तो है…., पुरुषोत्तम सोनी ने हा रे होरी आई रे…. सहित लगभग 19 कवियों, जिनमें हंसराज बारासा, मनशाह नायक, गोविन्द राम, हर्षद सिंह भाटी, महेन्द्र सिंह परिहार, बीना अचतानी, आशा पाराशर, आरआर. यादव, रविन्द्र माथुर, विमल श्रीवास्तव, नीलम व्यास व जेके माहेश्वरी ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
लीला कृपलानी अम्मा ने होली की सभी को शुभकामना दी
गोष्ठी के अंत में मेजबान लीला कृपलानी अम्मा ने सभी कवियों को होली की शुभकामना दी। अम्मा ने कहा कि होली प्रेम और उल्लास का त्योहार है। सभी को होली मिलजुलकर मनानी चाहिए और मन की मैल मिटाकर रंग लगाना चाहिए। इस होली पर किसी गरीब परिवार के आंगन में रोशनी और खुशी आ सके इसका प्रयास भी हमें करना चाहिए। संचालन वीडी दवे ने किया।
गर्ग और दवे ने कार्यक्रम की जानकारी दी
कार्यक्रम के आरंभ में संस्था के किशनलाल गर्ग और वीडी दवे ने गोष्ठी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सभी सदस्यों का स्वागत किया और खुशदिलान ए संस्था की मासिक काव्य गोष्ठी पर अपने विचार व्यक्त किए।
