पारस शर्मा. जोधपुर
भारतीय जादूगर दिवस पर जोधपुर में कनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रताप नगर स्थित जादू भवन में जादूगर गोपाल ने हैरत अंगेज कार्यक्रमों की स्तुति देकर दर्शकों को दांतों तले अंगुलियां दबाने पर मजबूत कर दिया।
उन्होंने सर्व प्रथम जादू से पीसी सरकार का चित्र प्रकट किया। इसके साथ ही जादू से माला बनाकर कर पीसी सरकार के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर नोटों की बरसात, लकड़ी की टेबल हवा में उड़ाना, रस्सी को हवा में खड़ी करना जैसे अनेक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस मौके जादूगर गोपाल की पोती जादूगर योगिता तथा बड़गांव के जादूगर रतनाराम ने भी हेरत अंगेज कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर देश के अनेक जादूगर वर्चुअल रूप से जुड़े। जयपुर के जादूगर प्रहलाद राय ने संबोधित करते कहा कि 23 फरवरी को भारत भर में जादूगर दिवस मनाया जाता है। भारतीय जादू पितामह पीसी सरकार के जन्मदिवस पर जादूगर दिवस की शुरुआत राजस्थान से हुई थी। उन्होंने बताया कि प्रतुल चंद्र सरकार ( पीसी सरकार ) का जन्म 23 फरवरी 1913 को असम के गांव अशोकपुर जिला तंगाइल (अब बंगलादेश ) में एक मध्यम वर्गीय परिवार मे हुआ। उन्होने जादूकला को सड़क से उठाकर ग्लेमर के साथ भव्य मंच पर प्रस्तुत किया। एशिया और यूरोपियन देशों मे ही नहीं बल्कि पूरे विश्व मे भारतीय जादू का परचम पीसी सरकार ने फहराया। उन्होने विदेशों मे शो करके भारत सरकार के खजाने में इतनी विदेशी मुद्रा दी जितनी उनसे पहले कोई कलाकार नहीं दे सका।
1964 मे भारत सरकार ने उनकी महान उपलब्धियों को देखते हुए उन्हे पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित किया। कोलकाता में उन्होंने आल इंडिया मैजिक सर्कल की स्थापना की तथा एक त्रैमासिक पत्रिका एआइएमसी मैजिक बुलेटिन की शुरुआत की।
भारतीय जादू के पितामह पद्मश्री पीसी सरकार जब 1969 में जयपुर , (राजस्थान) आए। उससे पहले ही राजस्थान के यशस्वी जादूगरों के मन मस्तिष्क में एक विचार जन्म ले चुका था कि जिस महान शख्सियत ने जादूकला को सड़क से उठाकर भव्यता के साथ,ग्लैमर के साथ खूब सूरती के साथ शानदार रंगमंच पर प्रस्तुत किया, स्थापित किया वो निश्चित ही कला का मसीहा है। ऐसे मसीहा को सैकड़ों साल तक भुलाया नहीं जा सकता।यह विचार ग्रेट मायावी जी और उस समय बड़ौदा के जादूगर निमानो जी जो उस समय जयपुर मे रेल्वे मे पदस्थापित थे इन दोनो शख्सियतों ने मिलकर एक प्रस्ताव आल इंडिया मैजिक सर्कल , कलकत्ता को प्रेषित किया कि हमने जादू पितामह पी सी सरकार के जन्मदिवस को जादूगर दिवस के रुप मे मनाए जाने का निश्चय किया है। इस हेतु सर्कल स्वीकृति दे तो 23 फरवरी 1971 से ही जयपुर के रवीन्द्र मंच से शुभारंभ कर दिया जाए। उनका प्रस्ताव आल इंडिया मैजिक सर्कल के मुख पत्र एआइएमसी बुलैटिन के अक्टूबर 70 के अंक मे प्रकाशित हुआ और साथ ही स्वीकृति भी दे दी गई।बस फिर क्या था ग्रेट मायावी जी ने पीसी सरकार से प्रथम जादूगर दिवस मे आने एवं मुख्य अतिथि बनने की स्वीकृति भी ले ली, पोस्टर भी छप गए।कुदरत को कुछ और ही मंजूर था,पीसी सरकार का जापान के आशिकावा शहर मे शो करते हुए 6 जनवरी 1971 को हार्ट अटैक से निधन हो गया। ग्रेट मायावी जी के सान्निध्य मे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार 23 फरवरी 1971 को जादूगर दिवस की शुरुआत रवीन्द्र मंच जयपुर राजस्थान से हुई।
तब से ही पूरे देश मे जादूगर दिवस प्रतिवर्ष 23 फरवरी को मनाया जा रहा है अनेक सम्मेलन छाईअब तक जादूगर दिवस पर हो चुके है। भारत सरकार ने स्व. पीसी सरकार की स्मृति मे 23 फरवरी 2010 को पांच रुपये का डाक टिकिट जारी कर उन्हें सम्मान दिया था।
