महाकुंभ की सफलता का श्रेय 145 करोड़ जनता को जाता है जो 24 घंटे चाक-चौबंद रही
जनता ही पुलिस और सेना की भूमिका में रही और महाकुंभ निर्विघ्न संपन्न हुआ
डीके पुरोहित. सज्जनसिंह. राजेश भैरवानी. प्रयागराज
प्रयागराज। महाकुंभ की पूर्ण आरती। 144 साल बाद बने महासंयोग में 66 करोड़ लोगों ने डुबकी लगाई…। दुनिया के सबसे बड़े आयोजन को हिन्दुस्तान ने अपने दम पर सफल कर दिखाया। इसने साबित कर दिया कि हिन्दुस्तान सक्षम है। सशक्त है। ताकतवर है। इतना बड़ा आयोजन अगर सफल हुआ है तो उसमें केवल सरकारों और प्रशासन का योगदान है ऐसा नहीं है। यह अगर सफल आयोजन हुआ है तो हिन्दुस्तान की तहजीब की वजह से। संगम में जिस तरह गंगा-यमुना-सरस्वती की धारा का मिलन होता है उसी तरह हिन्दुस्तान में हिंदू-मुस्लिम और अन्य धर्मों का संगम है। यहां भाषाई भिन्नता का संगम है। यहां खान-पान-पहनावे का संगम है। यही असली हिन्दुस्तान है। हिन्दुस्तान में यही विविधता का मिलन उसको दुनिया से अलग बनाता है। अगर कहें कि हमारी असली ताकत यही है। चाहे प्रयागराज हो चाहे हिन्दुस्तान के अन्य तीर्थ स्थल..। वहां केवल हिंदू ही कमान संभाले हुए हैं, यह कहना गलत है। कलाकार, व्यापारी, ठेलेवाले, फलवाले, सब्जी वाले, सफाईकर्मी, होटल व्यवसायी, ठेकेदार, मजदूर, मंदिर व्यवस्थापक, नौका चलाने वाले, गाइड, प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक व्यवस्था संभालने वाले, राजनेता, पार्षद, समाजसेवी और तमाम वर्ग के लोगों में केवल हिंदुओं की प्रधानता हो ऐसा नहीं है। और अगर हम एक ही पंक्ति में कहें कि महाकुंभ केवल हिंदुओं ने सफल बनाया तो यह सही नहीं है। इसमें हिन्दुस्तान में रहने वाली विभिन्न्न धर्मों की गंगा-जमुनी तहजीब ने साथ दिया। यही हिन्दुस्तान की असली ताकत है।
बात प्रयागराज की ही नहीं है हिन्दुस्तान के जितने भी तीर्थस्थान देख लें, सब जगह यह संगम यह तहजीब देखी जा सकती है। यही तहजीब हमें दुनिया की सबसे ताकतवर कौम बनाती है। आज अगर हम केवल हिंदूज्म का ठेकेदार बनकर आगे बढ़ने का सपना देखते हैं तो यह उचित नहीं होगा। क्योंकि दुनिया में सबको जीने का हक है। सबको मिलकर रहने का अधिकार है। जब तक हम अपने ही अपने धर्म का रोना रोता रहेंगे तब तक हम असली सहिष्णुता की ताकत को अनदेखा करेंगे। सनातन केवल अपने तक सीमित नहीं होता। सबको समान भावना से देखना ही सनातन है। इसलिए यह कहना कि महाकुंभ की सफलता हिन्दुओं की सफलता है, यह कहना उचित नहीं होगा। इसमें हर उस वर्ग का योगदान है जो हिन्दुस्तान की असली ताकत है। सरकारें भले ही श्रेय लेती रहें। प्रशासनिक अधिकारी वाह-वाही लूटते रहे। लेकिन असली शाबाशी की हकदार वो 145 करोड़ जनता है जो हर दम सजग रहती है। उसकी चाकचौबंद निगाहें अनहोनी से बचने के लिए रात भर जागती रहती है। यहां पुलिस और सेना की भूमिका में आम पब्लिक रहती है। अगर महाकुंभ निर्विघ्न संपन्न हुआ तो उसमें सरकारों और प्रशासनिक क्षमताओं से कहीं ज्यादा पब्लिक का अनुशासन रहा। अखबार और मीडिया सरकारों का यशोगान कर रहे हैं जबकि इतने बड़े आयोजन की सफलता के पीछे योगदान है तो हिन्दुस्तान की उस गंगा जमुनी तहजीब का जो असली हिन्दुस्तान है।
66 करोड़ श्रद्धालु…ऐसा मैनेजमेंट केवल हिन्दुस्तान ही कर सकता है
हज के दौरान मक्का-मदीना में भी हादसे होते रहे हैं। प्रयागराज में कुछ अपवाद हुए। पर यह इसकी सफलता पर सवालिया निशान नहीं लगा सकते। इसमें सरकारों का दोष भी नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों की भी लापरवाही पूरी तरह नहीं कही जा सकती। क्योंकि जहां सैलाब होगा वहां ऐसा होना मानवी त्रासदी को आमंत्रण देने वाला होगा ही। इसे कम किया जा सकता है पूरी तरह टालना संभव नहीं है। कुल 66 करोड़ श्रद्धालु महाकुंभ में डुबकी लगा चुके हैं। देश-विदेश के स्टूडेंट्स यहां स्टडी के लिए आए। इतने बडे आयोजन का कवरेज दुनिया भर की मीडिया ने किया। हर दिन चुनौती भरा रहा। महाशिवरात्रि को महाकुंभ की पूर्ण आरती हुई।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार सुबह महाकुम्भ 2025 की औपचारिक पूर्णाहुति के लिए प्रयागराज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने महाकुम्भ नगर के अरैल घाट पर सफाईकर्मियों के साथ मिलकर घाट की सफाई की और गंगा तट पर स्नानार्थियों द्वारा छोड़ी गए वस्त्र आदि को साफ करने में अपने मंत्रियों के साथ श्रमदान किया। जल में मौजूद छोड़े गए वस्त्रों को निकालकर महाकुम्भ के उपरांत पूरे मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए अभियान का शुभारंभ किया।
सफाई कार्य के बाद मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ फ्लोटिंग जेटी के जरिए संगम के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने जेटी से साइबेरियन पक्षियों को दाना खिलाया। संगम पहुंचकर सीएम योगी ने मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य रूप में मौजूद मां सरस्वती का विधिवत पूजन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने मंत्रिगणों के साथ मां गंगा का दुग्धाभिषेक कर विधि-विधान से मां की आरती उतारी और लोक कल्याण की कामना की। सीएम योगी ने संगम स्नान को आए श्रद्धालुओं का भी अभिवादन किया।
इस अवसर पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, राकेश सचान, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, अनिल राजभर, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, डीजीपी प्रशांत कुमार और प्रमुख सचिव गृह एवं सूचना संजय प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
महाकुम्भ को ऐतिहासिक बनाने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करेंगे सीएम
मुख्यमंत्री आज दिनभर महाकुम्भ नगर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वे महाकुम्भ को ऐतिहासिक, दिव्य, भव्य, स्वच्छ, सुरक्षित और डिजिटल बनाने में योगदान देने वाले कर्मचारियों और संस्थाओं से मुलाकात करेंगे और उन्हें सम्मानित करेंगे। शाम को सीएम योगी पुलिसकर्मियों से भी संवाद करेंगे और सुरक्षित महाकुम्भ के लिए उनका आभार प्रकट करेंगे। इसके अलावा, कुम्भ की व्यवस्था में लगे अधिकारियों और मेला प्रशासन से जुड़े लोगों के साथ भी उनकी बैठक प्रस्तावित है।
