पंकज जांगिड़. जोधपुर
सेट ज़ेवियर एवं सेंट जॉन सेकंडरी स्कूल में महिला सशक्तिकरण पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मधु चारण, वीणा शखरानी, पूनम व डॉ. दीपिका ने महिलाओं की भूमिका, अधिकारों और शिक्षा के महत्व पर विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र कुमार लाल ने किया, जबकि सह-संचालक की भूमिका बरखा गिडवानी ने निभाई।
मधु चारण ने कहा कि नारी न केवल देवी है, बल्कि सृष्टि की रचनाकार भी है। वह जन्म देती है, परिवार और समाज का निर्माण करती है। आज के समय में शिक्षा महिलाओं के लिए सबसे बड़ा अस्त्र है। जब एक महिला शिक्षित होती है, तो वह दो परिवारों—अपने मायके और ससुराल दोनों को सशक्त बनाती है। इससे समाज में दोहरी गति से विकास होता है और एक मजबूत व सशक्त समाज की नींव रखी जाती है। इसलिए प्रत्येक महिला का शिक्षित होना न केवल आवश्यक बल्कि अनिवार्य है, और समाज को महिलाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
वीणा शखरानी ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया का उपयोग केवल शिक्षा और जागरूकता के लिए करना चाहिए। परिवार से शुरुआत करके समाज में संस्कारों की स्थापना की जानी चाहिए। आधुनिकता का दायरा केवल शिक्षा तक सीमित रहना चाहिए, न कि पारिवारिक मूल्यों और धार्मिक परंपराओं के ह्रास का कारण बनना चाहिए। संस्कारों से सुसज्जित महिला ही एक सुव्यवस्थित, आदर्श और सशक्त समाज का निर्माण कर सकती है। पूनम ने कहा अपनी जिंदगी खुश हो कर जिओ। डॉ. दीपिका ने भी अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जीओ और जीने दो पर विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के समापन पर बरखा ने सभी महिलाओं को धन्यवाद ज्ञापित किया।
